प्रेगनेंसी में पेट दर्द होने के कारण, लक्षण और बचाव के उपाय | Abdominal Pain During Pregnancy in Hindi

Abdominal Pain During Pregnancy in Hindi

माँ बनना हर महिला के लिए सबसे सुखद अहसास होता है, और इस पल का हर महिला बेसब्री से इन्तजार भी करती है| लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान 9 माह का यह अंतराल आसान नहीं होता बल्कि बहुत चुनोतीभरा होता है| गर्भवती महिला को कई हेल्थ प्रॉब्लम से भी गुजरना पड़ता है|

जब एक महिला माँ बनने वाली होती है तो उसके शरीर में कई बदलाव आते है, जिससे वो बार-बार परेशान हो जाती है. इन्ही समस्याओं में एक समस्या पेट दर्द की है| प्रेगनेंसी के दौरान पेट दर्द होना आम बात है, पेट दर्द यूँ तो सामान्य सी बात है लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान पेट दर्द चिंता का विषय बन सकता है|

जब प्रेगनेंसी के दौरान पेट दर्द (Abdominal Pain During Pregnancy in Hindi) होता है, तो महिलाएं तनाव में आ जाती है क्योंकि दर्द असहनीय बन जाता है और यह गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए खतरनाक होता है| आज की इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे की प्रेगनेंसी के दौरान पेट दर्द होने के क्या कारण है और इससे कैसे बचा जा सकता है?

प्रेगनेंसी के दौरान पेट दर्द होने के कारण (Due to abdominal pain during pregnancy in Hindi)

  • गैस और कब्ज

प्रेगनेंसी  के दौरान प्रोजेस्टेरान हार्मोन के स्तर में बढ़ोतरी होने से पेट दर्द और गैस की समस्या होने लगती है| जब इस हार्मोन का स्तर बढ़ता है तो भोजन सामान्य से धीमी गति से पचता है जिसकी वजह से कब्ज और गैस की समस्या होने लगती है|

  • गर्भाशय का बढ़ना

जैसे-जैसे गर्भाशय का आकार बढ़ता है उसमे खिंचाव आने लगता है, जिसकी वजह से पेट के निचले हिस्से में दर्द होने लगता है| ऐसे में जब आप अचानक से अपनी स्थिति बदलती है तो यह दर्द और तेज होने लगता है, वैसे तो यह दर्द कुछ देर बाद गायब हो जाता है लेकिन दर्द अगर असहनीय है तो डॉक्टर से जरुर बात करें|

  • गर्भपात

प्रेगनेंसी के तीन महीने के अंदर आपको बहुत तेज पेट दर्द हो रहा है और ज्यादा रक्तस्राव हो रहा है तो यह गर्भपात का लक्षण हो सकता है, हालाँकि इसकी संभावना बहुत कम है. 100 में से सिर्फ एक के साथ ऐसा होने की आशंका है|गर्भपात के बाद 12 महीने तक आपको पेट के निचले हिस्से में दर्द रह सकता है|

  • ओर्गेज्म के दौरान दर्द

प्रेगनेंसी की शुरुआत में जब आप शारीरिक संबध बनाते है तो उस दौरान चरम सुख के समय दर्द होना आम बात है| इसके बारे में आपको टेंशन लेने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह बहुत ही आम बात है|

  • यूरीन इन्फेक्शन

मूत्रमार्ग में संक्रमण के दौरान भी आपको पेट दर्द हो सकता है, अगर आपको पेशाब करते समय जलन हो या पेशाब में खून दिखाई दे तो तुरंत ही डॉक्टर से सम्पर्क करें, क्योंकि ऐसे में कीडनी के खराब होने की आशंका रहती है|

  • फ़ूड पोइजिनिंग

प्रेगनेंसी के दौरान दूषित या ज्यादा समय तक रखा हुआ खाना खाने से भी गर्भवती महिला को पेट दर्द होने लगता है जिसे फ़ूड पोइजिनिंग भी कहते है. इससे बचने के लिए प्रेग्नेंट महिला को अच्छा और पोषण युक्त आहार लेना चाहिए.

प्रेगनेंसी में पेट दर्द का इलाज (Treatment of abdominal pain in pregnancy in Hindi)

  • पेट के जिस हिस्से में दर्द है वहां पर गर्म पानी से सिकाई करें, हो सके तो गर्म पानी से स्नान करें. ध्यान रहें पानी ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए|
  • गैस को दूर करने के लिए रोजाना व्यायाम करें, क्योंकि गैस भी पेट दर्द का बड़ा कारण है|
  • जितना ज्यादा हो सके आराम करें|
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें|
  • फाइबर युक्त खाद्ध पदार्थ जैसे फल, हरी सब्जियां, दाल, साबुत अनाज आदि खाएं|
  • भले ही बार-बार लेकिन थोडा भोजन करें|
  • पौष्टिक और पोषण युक्त आहार खाएं|
  • बाहर की चीजें जितना हो सके अवॉयड करें|
  • पेट के जिस हिस्से में दर्द है उससे दुसरे वाले हिस्से की तरफ करवट लेकर सोयें. ऐसा करने से आपको आराम मिलेगा| लेकिन ध्यान रहें इस दौरान पेट या पीठ के बल ना सोयें अन्यथा दर्द बढ़ सकता है|
  • प्रेगनेंसी के दौरान पेट दर्द से राहत पाने के लिए ताजा जूस पीयें. इससे आपको काफी आराम मिलेगा.

प्रेगनेंसी में पेट दर्द के समय यह लक्षण दिखाई दे तो जल्दी ही डॉक्टर से सम्पर्क करें

  • उलटी
  • बुखार आना
  • शरीर का धुजना
  • योनी से तरल पदार्थ निकलना|
  • पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना
  • चक्कर आना
  • पेशाब करते समय जलन होना या खून आना
  • एक घंटे आराम करने के बाद भी दर्द बंद नहीं होना
  • दर्द की वजह से सांस लेने, बोलने में तकलीफ होना
  • बहुत तेज सिर दर्द होना
  • हाथ-पैर और चेहरे पर सुजन आना

प्रेगनेंसी में पेट दर्द के दौरान ध्यान रखें वाली बातें

  • पेट दर्द के दौरान अपने मन से कोई दवाई ना ले यह आपके लिए खतरनाक हो सकता है, डॉक्टर से पूछकर ही दवाई ले|
  • दर्द निवारक दवाईयां लेने से अन्य साइड इफ़ेक्ट हो सकते है|
  • अगर मन से कोई दर्द निवारक दवाई ली तो बच्चे का मानसिक विकास रुक सकता है, और उसमे जन्म के दौरान कई विकृतियाँ आ सकती है|
  • डॉक्टर की सलाह के बिना पेट पर किसी भी चीज से मालिश ना करें|
  • एक ही बार में ज्यादा खाना ना खाएं बल्कि थोड़ी-थोड़ी देर से खाएं|
  • प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादा सफर ना करें|
  • ज्यादा वजन ना उठायें|
  • प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादा व्यायाम ना करें, डॉक्टर से पूछकर या जानकार की देखरेख में ही व्यायाम करें, अन्यथा पेट में चोट लग सकती है और दर्द बढ़ सकता है|
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