अमलतास पेड़ के फायदे,गुण और नुकसान | Amaltas Benefits and Uses in Hindi

Amaltas tree ke fayde or nuksan

अमलतास का पेड़ (amaltas tree in hindi) दिखने में  बहुत सुन्दर दिखाई देता है, यह अनेक स्थानों पर पाया जाता है जैसे :- नदी के किनारे, बाग बगीचे में दिखाई देते है। अमलतास के पेड़ वैसे तो मध्यम आकर के होते है| परन्तु इसके फूल पिले रंग के होते है, जो दिखने में बहुत ही सुन्दर दिखाई देते है। यह पेड़ भारत में सभी जगह पाए जाते है। इसके फूलो को घरो में सजाकर भी रखा जा सकता है। इस पेड़ पर बसंत ऋतु यानी मार्च, एप्रिल के महीने के बाद पतझड़ के बाद नई पत्तियां और फूल साथ में ही लगते है। प्राचीन काल से ही अमलतास के पेड़ की फूल, पत्तियां  और शाखाओं का उपयोग दवाई के रूप में किया जाता है। अमलतास पेड़ का उपयोग आयुर्वेद में जड़ी-बूटी के रूप में किया जाता है|यह विभिन्न बीमारिया जैसे:- दस्त, मधुमेह, ट्यूमर, कैंसर,कुष्ठ रोग, दाद और हृदय से संबधित बीमारियों के इलाज में किया जाता है। आज हम आप को इस आर्टिकल के माध्यम से बताएँगे की अमलतास पेड़ के गुण, लाभ, फायदे और नुकसान क्या होते है।

अमलतास पेड़ के उपयोग और फायदे (Amaltas Tree Benefits and Uses in Hindi)

अमलतास पेड़ का उपयोग निम्नलिखित बीमारियों के उपचार में किया जाता है।

एसिडिटी को दूर करने में अमलतास पेड़ के फायदे (Acidity ko Dur Karne Me Amaltas ke Fayde in Hindi)

यदि आप को गैस या एसिडिटी की समस्या है, तो अमलतास का फल आप के लिए बहुत ही लाभकारी होगा। इस फल से निकलने वाली लुग्दी को नाभि के आस पास लगभग १०-१५ मिनिट तक मालिश करने से गैस की समस्या को दूर किया जा सकता है। जिन लोगो को गैस की समस्या बहुत दिनों से है, उन लोगो को यह प्रक्रिया लगभग १ महीने तक करना पड़ेगी।

मधुमेह में अमलतास पेड़ के फायदे (Madhumeh me Amaltas Ped ke Fayde in Hindi)

मधुमेह बहुत ही गंभीर समस्या होती है। लेकिन घबराने की कोई बात नहीं है, अमलतास  के पेड़ की छाल के अर्क का सेवन करने से मधुमेह को कंट्रोल किया जा सकता है। यह शरीर में इन्सुलिन उत्तेजित ग्लूकोजगराही  की वृद्धि में मदत करता है। आयुर्वेद जानकारों से पता चला है, की अमलतास पेड़ की पत्तियों और फलो का नियमित सेवन करने से यह एंटी गतिविधि के सीरम ग्लूकोज स्तर और मधुमेह से जुडी जटिलताओं को कम करने में सहायता करती है।

कब्ज को कम करने में अमलतास के गुदे के फायदे (Kabj ko kam karne me Amaltas ke gude ke faydein Hindi)

अमलतास पेड़ का उपयोग कब्ज जैसी सामान्य दिखने वाली गंभीर समस्याओं के इलाज के लिए भी किया जाता है। इस पेड़ के फल की १० से २० ग्राम लुग्दी को एक गिलास पानी में रात भर भिगाकर रखिए और सुबह उठते से ही इस पानी को छानकर पिए। इस पेड़ के गुदे में पेट साफ करने वाले गुण मौजूद होते है। यह आप के पेट में मौजूद कीटाणु को हटाने का काम करती है।

गठिया को ठीक करने में अमलतास पेड़ के फायदे  (Gathiya ko Thik karne me Amaltas Ke Fayde in Hindi)

अमलतास का पेड़ बहुत ही लाभकारी होता है । जो लोग गठिया और सूजन के दर्द से परेशान है यह पेड़ उनके लिए बहुत ही फायदेमंद है। गठिया बहुत ही खतरनाक बीमारी होती है जिसमे जोड़ो में दर्द और सूजन जैसी समस्या होती है। गठिया के रोग में  उंगलिया, कलाई आदि दर्द करते है। परन्तु इस बीमारी से घबराने की कोई बात नहीं है। इसके इलाज के लिए अमलतास के पेड़ को उपयोग में लाया जाता है। क्योकि अमलतास के पेड़ में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा पाई जाती है। इस पौधे में एंथ्राक्विनोन, फ्लेवन ३ और फ्लेवोनोइड्स आदि औषिधीय गुण पाए जाते है।

गर्भवस्था को रोकने में अमलतास पेड़ के फायदे (Garbhvasth ko Rokane Me Amaltas ke fayde in Hindi)

प्राचीन समय से इस औषधीय पौधे का उपयोग गर्भवस्था को रोकने में किया जाता है। इस पौधे में उपस्थित घटक प्रजनन में शामिल हार्मोन को नियंत्रित करने का काम करती है।  एक शोध के द्वारा पता लगाया गया है की अमलतास के बीजो से निकलने वाले पावडर को सम्भोग करने के दौरान १० से १५ दिनों तक १०० से २०० मिलीग्राम का सेवन करने से गर्भवस्था की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।

दाद के इलाज में अमलतास के फायदे (Dad Ke Ilaj Me Amaltas Ke Fayde in Hindi)

त्वचा से सम्भदित बीमारियों के इलाज के लिए अमलतास की पत्तियां बहुत ही लाभकारी होती है। इन पत्तियों में राइन और सेनोसाइड्स A और B होते है, और इन पत्तियों में से निकाले गए रस में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी – बेक्टेरियल गुण होते है। यदि आप खुजली या दाद की बीमारी से से ग्रसित है, तो अमलतास की पत्तियों का लेप बनाकर जख्म वाली जगहों पर लगाने से इस बीमारी को कम किया जा सकता है।

बालो के लिए अमलतास के फायदे  (Balo ke liye Amaltas ke Fayde in Hindi)

यदि आप अपने बालो और गंजेपन की बीमारी से परेशान है, तो आप अमलतास की पत्तियों का उपयोग कर सकते हो। अमलतास की पत्तियों की राख को बकरी के दूध के साथ मिलाकर लगाने से यह गंजेपन, दोमुहे और दाढ़ी के बालो को बढ़ने में बहुत मदत करता है।

बवासीर के इलाज में अमलतास के लाभ (Bawasir ke ilaj me amaltas ke Fayde in Hindi)

बवासीर दर्द के इलाज में अमलतास बहुत ही उपयोगी होता है। अमलतास के फलो के लुग्दी, मनुक्का और हरद को मिलाकर उबाल लो और सोने के पहले इस गाढ़े को पिने से बवासीर के इलाज को ठीक करने में सहायता करता है।

बुखार में अमलतास के फायदे (Bukhar me Amaltas ke Fayde in Hindi)

अमलतास पौधे की जड़ो का उपयोग बुखार को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। अमलतास की जड़ो का काढ़ा या इससे बनने वाले शराब का सेवन करने से बुखार को कम किया जाता है।

अमलतास पेड़ के नुकसान  (Amaltas Tree Side Effects in Hindi)

अमलतास यह एक आयुर्वेदिक औषधि गुणों वाला पौधा होता है। जिसके द्वारा विभिन्न प्रकार की स्वास्थ समस्याओं के इलाज में उपयोग किया जाता है। यह बात ध्यान रहे की इस पेड़ का उपयोग करने से पहले इसके बारे में जानकारी अवश्य ले। वैसे तो अमलतास का उपयोग करने से कोई नुकसान नहीं होता है। परन्तु इससे होने वाले कुछ नुकसान निम्नलिखित है।

  • अमलतास का अधिक मात्रा में से सेवन करने से उलटी या चक्कर आने की समस्या हो सकती है।
  • गर्भवस्था में अमलतास का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योकि यह गर्भधारण का कारन भी बन सकता है।
  • अमलतास का बच्चो को सेवन करने से पहले किसी जानकर व्यक्ति से सलाह अवश्य ले।
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