एनीमिया क्या है? लक्षण, कारण और उपचार | Anemia Symptoms Treatment in Hindi

anemia in hindi

आज के वर्तमान समय में एनीमिया (anemia symptoms in hindi) या खून की कमी भारत के अलावा विश्व के सभी देशो में देखने को मिलती है। जिसके कारण बच्चे कुपोषित पैदा होते है। एक सर्वे के अनुसार यह कहा जाता है की विश्व में जो महिलाए बच्चे को जन्म देती है उनमे 55% महिलाए ऐसी होती है| जो एनीमिया (anemia meaning in hindi) या खून की कमी से ग्रसित होती है। इसलिए हमें यह जानना जरुरी है की एनीमिया क्या है? और यह बीमारी किस कारणवश होती है।

एनीमिया क्या है? (Anemia in Hindi)

सामान्यतौर पर एनीमिया (anemia in hindi) कोई गंभीर बीमारी नहीं है। परन्तु इसका समय पर इलाज न होने पर यह बड़ी बीमारी का रूप धारण कर सकती है। शरीर में आयरन की कमी के कारण हीमोग्लोबिन का बनना सामान्य से कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन के कमी के कारण शरीर में खून की लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है। जिसके कारण एनीमिया की बीमारी होती है। इस बीमारी के कारण चेहरा लाल या पीला पड़ जाता है, और शरीर भी कमजोर हो जाता है। हीमोग्लोबिन हमारे शरीर के रक्त में ऑक्सीजन  पहुंचाने का काम करते है। हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन को शरीर के प्रत्येक कोशिकाओं तक पहुँचाता है।

एनीमिया (खून की कमी) के प्रकार (Types of Anemia in Hindi)

एनीमिया सामान्यतः निम्नलिखित प्रकार का होता है।

1 आयरन की कमी के कारण होने वाला एनीमिया:- एनीमिया (anemia in hindi) खून में कमी होने वाले आयरन के कमी के कारण भी होता है। यह उस समय होता है जब मासिक धर्म के दौरान खून का ज्यादा निकला, गर्भवती महिलाओं में भ्रूण के विकास में, बच्चो में बचपन में या किशोर अवस्था में विकास के लिए आयरन की अत्यधिक आवश्यकता के कारण आयरन के कमी के कारण भी एनीमिया होता है।

  1. हेमोलिटिक एनीमिया (Hemolytic anemia):- हेमोलिटिक एनीमिया तब होता है जब सामान्य जीवन के समाप्त होने के पहले लाल रक्त कोशिकाए नष्ट हो जाती है। कई अन्य बीमारियों के कारण शरीर में लाल रक्त कोशिकाए समाप्त हो जाती है। इस एनीमिया के कारण स्वास्थ से सबंधित कई प्रकार की समस्याए होती है जैसे:- कमजोरी या थकान आना, दिल की धड़कन में कमी, एरिथमियास, हृदय के विकार में कमी आदि होती है।
  2. अप्लास्टिक एनीमिया (Aplastic anemia):-अप्लास्टिक एनीमिया एक प्रकार से रक्त का विकार होता है। जिसके कारण शरीर की हड्डिया सही प्रकार से रक्त की कोशिकाए नहीं बना पाती है। जिसके चलते स्वास्थ सबंधित कई बीमारिया होती है जैसे:- दिल के विकार में वृद्धि,दर्द, एरिथमियास,संक्रमण और रक्तस्त्राव जैसी गंभीर समस्याए होती है।
  3. सिकल सेल एनीमिया (Sickle cell anemia):– सिकल सेल एनीमिया एक बहुत ही गंभीर बीमारी होती है। जिसमे शरीर सिकल के समान लाल रक्त कोशिकाए बनाता है। सामान्य लाल रक्त कोशिकाओं की आकृति डिस्क के समान होती है। जिसके कारण वह लाल रक्त वाहिकाओं से आसानी से उत्तीर्ण हो जाती है। इन लाल रक्त वाहिकाओं में हीमोग्लोबिन नामक प्रोटीन पाया जाता है।
  4. थेलसेमिआस एनीमिया (Thalassemia anemia):– थेलसेमिआस एक अनुवांशिक रक्त का विकार होता है। जिसके कारण यह शरीर में कम लाल रक्त कोशिकाए और हीमोग्लोबिन बनाता है। थेलसेमिआस के मुख्य प्रकार है:- अल्फ़ा थेलसेमिआस और बीटा थेलसेमिआस होते है। अल्फ़ा थेलसेमिआस (alfa thalassemias) के गंभीर प्रकार को हीड्रोप्स फिटलिस कहा जाता है। बीटा थेलसेमिआस (beta thalassemias) के गंभीर प्रकार को खुली एनीमिया कहते है। थेलसेमिआस एनीमिया मुख्यतः महिला और पुरुषो दोनों में पाया जाता है।
  5. फेंकोनाइ एनीमिया (Fanconi anemia):– यह एक अनुवांशिक प्रकार का विकार होता है। जिसके कारण हड्डियों की विफलता होती है। एफए, अप्लास्टिक एनीमिया का एक प्रकार होता है। जो हड्डियों की मज्जा को नई रक्त कोशिकाए बनाने नहीं देता है। इसके कारण लेकमुइआ (Leukemia) जैसी गंभीर बीमारी होती है।

एनीमिया (खून की कमी) के लक्षण (Anemia Symptoms in Hindi)

एनीमिया  (anemia in hindi) आमतौर पर तो रक्त में हीमोग्लोबिन के कमी के कारण होता है। इसके लक्षण निम्नलिखित है।

  • थकान महसूस होना।
  • कमजोरी आना।
  • चक्कर आना।
  • दिल की धड़कन कम होना।
  • साँस लेने में परेशानी।
  • सीने में दर्द या सूजन होना।
  • सिर दर्द करना।
  • त्वचा,आखे और नाख़ून में पीला पन (और पढ़े:- पीलिया क्या है? लक्षण, कारण और उपचार)
  • कानो में तेज आवाज बजना।
  • खड़े होते समय चक्कर आना।
  • एनीमिया का गंभीर कारण दिल की विफलता भी हो सकता है।
  • शरीर पर लालीपन आना।
  • हाथ -पेरो का ठंडा होना।

यदि आप को उपरोक्त दिए गए लक्षणों में से किसी एक का भी आभास होता है तो आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे और उनकी सलाह के अनुसार ही उपचार करवाए।

एनीमिया रोग के कारण (Anemia Causes in Hindi)

एनीमिया होने का सबसे मुख्य कारण है शरीर में लोहे की कमी। और कुछ ऐसे आवश्यक पोषक तत्व जैसे:- प्रोटीन, विटामिन बी, विटामिन सी,विटामिन 6,12,विटामिन E, और कॉपर मिनरल इन तत्वों के कमी के कारण भी एनीमिया होने का खतरा होता है।

निम्नलिखित कुछ ऐसे कारण है जिनके कमी या अधिक से एनीमिया होने का खतरा रहता है।

  • शरीर में रक्त की कमी
  • दैनिक आहार में आयरन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे फल, हरी सब्जिया, मांस, खजूर और चावल आदि का सेवन न कर पाने से भी एनीमिया होता है।
  • किसी कारण वश रक्त स्त्राव अधिक होना जैसे मासिक धर्म के दौरान, प्रेग्नेंसी आदि में खून की कमी होती है। जिससे एनीमिया होता है।
  • यदि आप की सर्जरी हुई है तो उसके बाद भी खून में कमी आती है। वह भी एनीमिया का कारण होता है।
  • लाल रक्त कोशिकाओं के कमी के कारण एनीमिया।
  • हड्डियों की मज्जा और स्टेम सेल में समस्याओं के कारण एनीमिया।
  • हार्मोन के कमी के कारण लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में कमी से होने वाला एनीमिया।
  • पेट में इन्फेक्शन के कारण
  • शराब और स्मोकिंग का अत्यधिक सेवन करने से।
  • फोलिक एसिड के कमी के कारण
  • शरीर में कैल्शियम के कमी के कारण

एनीमिया के उपचार (Anemia Treatment in Hindi)

एनीमिया के उपचार के लिए आयरन युक्त भोजन लेना बहुत आवश्यक होता है। एनीमिया का उपचार रक्ताल्पता के कारण पर निर्भर करता है। यदि रक्ताल्पता आयरन के कमी के कारण हो रहा है तो आप आयरन युक्त भोजन या गोलियों का उपयोग भी कर सकते है।

एनीमिया में करो फलो का सेवन:- एनीमिया के इलाज के लिए आप आयरन युक्त फल जैसे टमाटर, सेब, आलूबुखारा, केले, संतरे आदि का सेवन या इसके १००% शुद्ध ज्यूस का सेवन भी कर सकते है। इसके अलावा और भी कुछ फल है जैसे:- अंजीर, निम्बू, अंगूर, किशमिश,और गाजर अधिक मात्रा में खाने से सभी एनीमिया के बीमारी को ठीक किया जा सकता है।

गोश्त:- लाल गोश्त किडनी, दिल और जिगर आदि एनीमिया के इलाज (anemia ka ilaj) के लिए लाभदायक होते है। इसमें आयरन भरपूर मात्रा में होता है और एनीमिया के इलाज के लिए डॉक्टर्स भी इसे खाने का सजेशन देते है। इसके अलावा मछली, मुर्गिया और घोंघे भी एनीमिया के इलाज के लिए असरदार होते है।

चकुंदर:- चकुंदर में आयरन की मात्रा अधिक होने के कारण यह शरीर में खून की मात्रा को तेजी से बढ़ता है। आप चकुंदर को या तो सलाद के साथ या इसका ज्यूस बनाकर भी पी सकते है। यह खून बढ़ाने में बहुत सहायक होता है। जिससे खून की कमी या एनीमिया को सुधार सके।

एनीमिया में पालक का उपयोग:- पालक एनीमिया के इलाज के लिए बहुत ही कारगर सिद्ध होता है। क्योकि इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ए, विटामिन बी ,विटामिन सी, विटामिन E,आयरन, फाइबर और बीटा केरोटीन होते है। जो शरीर में हुई खून की कमी को दूर कर एनीमिया होने से बचाते है।

अनार:-अनार के फल में आयरन और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जता है। जो शरीर में रक्त संचार की गति को बढ़ाता है। आप आनर के फल का ज्यूस बनाकर भी पी सकते है। यह एनीमिया या खून की कमी के बीमारी में सहायक होता है।

मछली:- मछली में ओमेगा 3, आयरन और फेटिक एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। समुद्री मछली टूना और सलमान में ओमेगा ३ की मात्रा अधिक होती है। जो एनीमिया की बीमारी में लाभदायक होती है।

एनीमिया (खून की कमी) रोग से बचने के लिए इनसे परहेज करे (Anemia Avoid these in Hindi)

एनीमिया रोग से बचने के लिए दूध, चाय, कॉफी,कोल्डड्रिंक और कैल्शियम युक्त खाध पदार्थ आयरन के अवशोषण को रोकते है। इन चीजों का अत्यधिक सेवन करने से बचे।

यदि आप एनीमिया के रोगो को रोकना चाहते हो तो योग और व्यायाम  करना चाहिए, और हल्के व्यायाम जैसे पैदल चलना, तैरना, स्केटिंग आदि व्यायाम को नियमित करने से एनीमिया के रोगो को रोका जा सकता है।

 

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