पाइल्स का इलाज और इसके बचाव | Bawaseer ka Ilaj (Treatment) in Hindi

bawaseer ka ilaj

बवासीर का इलाज (bawaseer ka ilaj)

बवासीर एक बहुत ही खतरनाक बीमारी होती है। जिसके होने से  मलद्वार में  खुजली, सूजन तथा दर्द  भी होता है। इस बीमारी से बचने के लिए दवा के साथ साथ  खान -पान  के तरीके और अपनी जीवनशैली में भी बदलाव करना चाहिए। बवासीर में रोगी के मन में हमेश एक सवाल आता है की क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। इसलिए हम आप के लिए कुछ महत्वपूर्ण  जानकारी साझा कर रहे है।

बवासीर में क्या खाये

१.  दलिया,दही,मूंग दाल की खिचड़ी, पुराना चावल,चना और सत्तू,मोठ की दाल,चोकर समेत आटे की रोटी, कुल्थी और छाछ के नियमित सेवन करना चाहिए।

२.  करेले का रस,लस्सी,पानी।

३.  फलो में केला,पपीता,कच्चा नारियल,आवला,अंजीर,अनार, सेब, नाशपाती,तरबूज,अंगूर,किसमिस,मौसमी फल,छुआरा,मुनक्का,संतरा और आम खाने से बवासीर में फायदा मिलता है।

४.  खाना खाने के बाद अमरुद खाना भी फायदेमंद है।

५.  सब्जियों में चुकंदर,टमाटर,पालक,तुरई,गाजर,मूली,जिमीकंद, बथुआ,पत्ता गोभी,चौलाई,सोया,भिंडी,केला का फूल,परवल,करेला और शलजम खाना चाहिए।

बवासीर से बचने के उपाय

१.  खाने में मसालेदार और तेज मिर्च वाली चीजे न खाये।

२.  पेट से जुडी बीमारियों से बचे।

३.  शरीर में कब्ज न होने दे।

४.  खाने पीने की बुरी आदतों से परहेज करे और शराब और धूम्रपान से बचे।

५.  गर्म पानी से गुदाद्वार को न धोये।

Bawaseer ki desi dawa – बवासीर के लिए जिमीकंद एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है और इसे बवासीर के दुश्मन के रूप में जाना जाता है। यह पाचन क्रिया को सही रखता है और कब्ज से मुक्त करता है। ५ ग्राम जिमीकंद पाउडर को बवासीर के इलाज के लिए कुछ दिनों तक छाछ के साथ प्रतिदिन लिया जा सकता है। जिमीकंद और गुड़ का हमेशा इस्तेमाल करते रहने से भी बवासीर (Piles) होने लगती है।

बवासीर का इलाज (bawaseer ka ilaj)

प्रारंभिक अवस्था घरेलु इलाज (Piles treatment in hindi )से ही सबसे अच्छा माना गया है।बवासीर (Piles)के मरीज की तकलीफो पर काफी हद तक काबू पा सकते है।

१. सबसे पहले कब्ज को दूर कर मल त्याग को सामान्य और नियमित करना आवश्यक है। इसके लिए तरल पदार्थो,हरी सब्जियों एवं फलो का अत्यधिक सेवन करे।वादी बवासीर (Haemorrhoids) के मरीज तली हुयी चीजे,मिर्च मसाले युक्त भोजन न करे।

२.  गुदा के भीतर रात में सोने से पहले और सुबह मल त्याग के पूर्व मलहम लगाना भी मल निकास को सुगम करता है।

३.  रात में सोते समय एक गिलास पानी में इसबगोल की भूसी के दो चम्मच डालकर पीने से भी लाभ होता है। इसके नियमित प्रयोग से कड़े मल से राहत मिलती है इससे कुछ हद तक पेट भी साफ़ रहता है और मस्से ज्यादा दर्द भी नहीं करते है।

४.  मस्सो को हटाने के लिए भी कई विधिया है। मस्सो में इंजेक्शन द्वारा ऐसी दवा का प्रवेश (पाइल्स ट्रीटमेंट) किया जाता है। जिससे मस्से सूख जाते है। सर्जरी द्वारा भी मस्सो को काटकर निकाल दिया जाता है।

५.  गुदा के बाहर लटके और सूजे हुए मस्सो पर गिलसरीन और मैग्नीशियम सल्फेट के मिश्रण का लेप लगाकर पट्टी बांधने से भी बहुत आराम मिलता है और फायदा होता है।

६.  अगर मरीज मोटा है तो वजन कम करने से बवासीर की तीव्रता को रोका जा सकता है।

७.  बवासीर के मरीज को ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए।

बवासीर के घरेलु इलाज (Piles Home Remedies in Hindi)

१.  बवासीर (piles meaning in hindi) के मरीज को सबसे पहले 2 दिन तक रसाहार चीजों का सेवन करके उपवास रखना चाहिए।इसके बाद 2 सप्ताह तक बिना पका हुआ भोजन का सेवन करके उपवास रखना चाहिए।

२.  बवासीर रोग को ठीक करने के लिए कुछ उपयोगी आसान है जैसे :- कपालभाति,प्राणायाम,शलभासन,शवासन,चक्रासन,हलासन,मत्स्यासन,सर्वागासन आदि।

३.मूली का नियमित सेवन बवासीर को ठीक कर देता है। मूली को काटकर उसका रस रोजाना आधा कप से एक कप पिए। मूली का रस बवासीर ( Hemorrhoids) के दर्द को ठीक करने के साथ -साथ बवासीर को भी ठीक कर देता है।

४.  रात को सोते समय केले खाना चाहिए इससे रोगी को बहुत लाभ मिलता है।

५.  बवासीर में बर्फ का इस्तेमाल करना फायदेमंद है।यह गुदा में ब्लड वेसल्स को सिकोड़ देता है और सूजन कम करता है और दर्द में तुरंत आराम मिलता है।

६.  बवासीर के मस्सो का इलाज करने में लहसुन भी प्रयोग किया जाता है। लहसुन को अच्छे से पीस ले और इसे घी में भूनकर भगन्दर वाली जगह पर बांध ले। ऐसा करने से पाइल्स के जीवाणु खत्म हो जाते है।

७.  बवासीर के रोगी को सुबह और शाम के समय 2 भिगोई हुई अंजीर खानी चाहिए और इसका पानी पीना चाहिए।

८.  दो चम्मच तिल चबाकर ठन्डे पानी के साथ प्रतिदिन सेवन करने से बवासीर कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है।या एक ग्राम काले तिल और ताजा मक्खन दोनों को मिलकर खाने से बवासीर में राहत मिलती है।

९.  त्रिफला चूर्ण लेना चाहिए। ऐसा कुछ दिनों तक करने से बवासीर रोग जल्दी ठीक हो जाता है।

१०. बवासीर के इलाज में एलोवेरा भी फायदेमंद है।एलोवेरा में एंटी -इन्फ्लामेट्री और चिकित्सीय गन होते है।एलोवेरा दर्द,खुजली और जलन को कम करता है।आधे चम्मच एलोवेरा जेल में एक चम्मच पीसी हुई हल्दी अच्छी तरह मिलकर पेस्ट तैयार कर ले। इस पेस्ट को सोने से पहले मलद्वार के अंदर और बाहरी हिस्से पर लगाए।एक सप्ताह तक ये करने से बवासीर में आराम मिलेगा।

एलोवेरा से निकलने वाले गूदे को भी मस्सो पर लगाने से आराम मिलता है।

११. मस्सो पर सरसो का तेल लगाए।

१२. रात को 100 ग्राम किसमिस पानी में भिगो दे और इसे सुबह के समय पानी में मसल दे। इस पानी का रोजाना सेवन करने से कुछ ही दिनों में बवासीर रोग ठीक हो जाता है।

१३. नीम के कुछ पत्तो को घी में भूनकर उसमे थोड़ा सा कपूर मिलकर पीस ले।इसे बवासीर के मस्सो पर प्रतिदिन लगाए।

१४. खूनी बवासीर होने पर दही या लस्सी के साथ कच्चा प्याज खाने से फायदा मिलता है।

१५. एक गिलास ताजे दूध में एक नीबू निचोड़ कर सुबह खाली पेट पिए।नीबू डालते ही दूध तुरंत पीये।एक सप्ताह तक इसको करने पर बवासीर में आराम मिलेगा।

१६.  50 से 60 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर भून ले और ठंडी होने के बाद इसे पीस कर चूर्ण बना ले।प्रतिदिन सुबह खाली पेट इस चूर्ण को पानी के साथ लेने से piles ठीक हो जाती है।

१७. नीबू को चीरकर उस पर चार ग्राम कत्था पीसकर बुरक दे और उसे रात में छत पर रख दे।सुबह दोनों टुकड़ो को चूस ले,यह खूनी बवासीर की उत्तम दवा है।

१८. हरड़ कब्ज को दूर करने का एक बहुत ही अच्छा आयुर्वेदिक उपाय है।हरड़ का चूर्ण आधा से एक चम्मच रात को गुनगुने पानी से लेने से या गुड़ के साथ हरड़ खाने से बवासीर की समस्या से छुटकारा मिलता है।

१९. एक बार बवासीर ठीक होने के कुछ समय बाद अगर फिर से बवासीर की शिकायत होती है।ऐसी स्थिति में दोपहर को खाना खाने के बाद छाछ में थोड़ी पीसी हुई अजवाइन और थोड़ा सेंधा नमक मिला कर सेवन करना चाहिए।

२०. प्याज का रस निकालकर थोड़ी चीनी और पानी मिलकर पिए।प्याज बवासीर के इलाज में काफी फायदेमंद है।एक प्याज को कच्चा दही या छाछ के साथ मिलाकर खाने से बवासीर की समस्या से काफी राहत मिलती है।

२१. पपीता विटामिन और खनिजों का एक समृद्ध श्रोत है।जो कब्ज और रक्तश्राव बवासीर का इलाज करने के लिए एक शक्तिशाली फल है।आप अपने सलाद में कच्चा पपीता भी शामिल कर सकते है।

२२. मल,मूत्र और गैस को अधिक देर तक ना रोके क्योँकि यह बवासीर का कारण बनती है।

२३.  अरंडी का तेल मल को नरम करने में मदद करता है।दर्द को कम करने के लिए रोज रात को दूध के साथ अरंडी का तेल एक चम्मच ले।यह गुदा क्षेत्र में नसों पर दवाब को कम करता है और दर्द से आराम देता है।

२४. आम की गुठली के अंदर का भाग और जामुन की गुठली के अंदर के भाग को सूखा कर इन दोनों के चूर्ण बना ले।फिर इस चूर्ण को एक चम्मच गुनगुने पानी या छाछ के साथ कुछ दिन तक नियमित पिए।इससे बहुत लाभ मिलेगा और इसके सेवन करने से खूनी बवासीर में लाभ होता है।

२५. खूनी बवासीर में कमल के हरा पत्ता पीसे और उसमे मिश्री मिलाकर सेवन करे।

२६. जीरे को भूनकर मिश्री के साथ मिलाकर चूसने से फायदा मिलता है या आधा चम्मच जीरा पाउडर को एक गिलास पानी में डालकर पिए।

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