चुकंदर खाने के क्या -क्या फायदे होते है? जानिये इसके बारे में अधिक जानकारी | What are the Benefits of Eating Beet?

Beet benefits in hindi

बात अगर फल और सब्ज़ियों की गुणवत्ता की हो तो हर फल व सब्ज़ी किसी से कम नहीं है, फिर वो चाहे टमाटर हो या सेब, पालक हो या फिर अनार, गुणवत्ता और स्वास्थ्यवर्धकता तो इनमें कूट-कूट के भरी है लेकिन बात करें अगर चुकंदर की तो स्वास्थ्यवर्धकता में प्रमुख स्थान इसी का है। इसके एक नहीं अनगिनत फायदे हैं।तो चलिये आज नज़र डालते है चुकंदर उर्फ़ बीटरूट के लाभकारी पहलुओं पर और जानते है कि, सब्ज़ियों में इसका महत्वत इतना ऊँचा क्यों है? चुकंदर दरअसल कोई सब्ज़ी या फल नहीं बल्कि एक पौधे की जड़ है और यह जड़ टेपरूट प्रकार की होती है। विश्व के विभिन्न हिस्सों में चुकन्दर को बीटरूट , तबलेबात, गार्डेनबैत और रेडबीट जैसे नामों से भी जानी जाती है।

चुकन्दर दिखने में कैसा होता है ?

दिखने में इसका रूप किसी लज़ीज़ फल की तरह आकर्षक नहीं है, और स्वाद के मामले में भी चुकंदर उच्च तबके में शामिल नहीं है। बावज़ूद इसके संतुलित आहार यानी बैलेंस डाइट बनाये रखने में और बीमारियों से लड़ने में इसका स्थान सबसे आगे है। चुकंदर के फायदे की सूची यूँ तो काफी लंबी है पर हम सबसे ख़ास फायदे की बातें पहले करेगें। चुकन्दर का इस्तेमाल सिर्फ़ खाद्य सामग्री के तौर पर ही नहीं बल्कि रंगाई और औषधि के तौर पर भी लम्बे समय से होता आ रहा है।

चुकन्दर के पोषक तत्व

यदि हम चुकन्दर के पोषण तत्वों के महत्व की बात करे तो चुकंदर 88 % पानी, 10% कार्बोहायड्रेट और 2 % प्रोटीन की मात्रा वाला यह एक लो कैलोरी फूड है और डाइट कर रहे लोगो के लिए अत्यधिक लाभकारी सब्ज़ी है।

बेहतरीन पोषक तत्वों से परिपूर्ण चुकंदर के प्रमुख फायदे  इस प्रकार हैं:- (Beet Benefits in Hindi)

चुकंदर के प्रमुख फायदे निम्नलिखित होते है

  •  हाई ब्लड प्रेशर से राहत : चुकन्दर का जूस पीने से ब्लड में बढ़ी नाइट्रेट की मात्र नाइट्रिक एसिड में तब्दील हो जाता है और ब्लड प्रेशर को घटने में सहायता करता है।
  •  स्टैमिना में बढ़त: चुकंदर का जूस हमारे शरीर में प्लाज्मा नाइट्रेट के मात्र बढ़ा शारीरिक कार्य कुशलता बेहतर करता है।
  • कैंसर से बचाव: चुकन्दर का इस्तेमाल महिलाओं के ब्रेस्ट और पुरुषों के प्रोस्टेट ग्लैंड कैंसर के इलाज में भी किया जाता है।
  •  लिवर का साथी: ज़्यादा  शराब का सेवन या नुक़सानसायक भोजन के सेवन से लीवर पर पड़ रहे दुष्प्रभाव से लड़ने में भी चुकंदर काम आता है।
  • वज़न मेंटेनन्स: चुकन्दर का सेवन शारीरिक वज़न और चुस्ती को बनाए रखने में भी खूब लाभकारी साबित होता है।
  • मिनरल्स का स्रोत: आयरन , मैंगेनीज़, पोटैशियम, फॉस्फोरस और कॉपर जैसे मिनरल्स का एक बेहतरीन सोर्स है बीट्रूट। इन मिनरल्स की सहायता से शरीर का इम्यून सिस्टम स्वस्थ रहता है।
  • कोलेस्ट्रोल कटर: दिल के मरीज़ों के लिए तो चुकंदर एक वरदान जैसा है जो उनके शरीर के कॉरेस्ट्रोल को कम कर एक  चिंता मुक्त जीवन जीने में सहायता करता है।
  • एनीमिया से बचाव: शरीर में हो रही आयरन की कमी के चलते हीमोग्लोबिन की भारी गिरावट में भी चुकन्दर का सेवन बेहद लाभकारी है। यह आयरन की कमी को दूर कर हीमोग्लोबिन बढ़ाता है और एनीमिया की बीमारी से बचाता है।
  • पाचन शक्ति का सुधार: चुकन्दर में पाए जाने वाले फाइबर शरीर की पाचन क्रिया को आसान कर देते है और खून को साफ़ करने में मदद करता है।
  • गर्भवती माता और बच्चे का साथी: चुकन्दर मे पाए जाने वाला फोलिक एसिड गर्भ में मौजूद शिशु को न्यूरल ट्यूब की समस्या और विकलांगता से बचाता है। 

चुकंदर का सेवन कैसे करें ? (How to Consume Beet in Hindi)

यह बेहद अहम सवाल है, जिसका सामना हमें अक्सर करना पड़ जाता है। चुकंदर के सेवन से हमारा शरीर बहुत सारी बीमारियों से लड़ने में काफी हद तक सक्षम हो जाता है।  पहले तो किसान इसकी ज्यादा खेती नहीं किया करते थे लेकिन समय के साथ जैसे-जैसे इस होने वाले फायदे के बारे में लोगों को पता चलता गया तो इसकी खेती भी काफी अधिक बढ़ गई है। चुकंदर का नियमित सेवन करने से तमाम बीमारियां अपने आप ही दूर भाग जाती हैं खासतौर से महिलाओं और बढ़ती उम्र के बच्चों के लिए यह बहुत लाभकारी आहार है।

आयुर्वेद में चुकंदर को दो टुकड़ा सलाद के रूप में नियमित खाते रहने की बात कही गई है। आमतौर पर लोग चुकंदर को कच्चे सलाद के रूप में खाना ज्यादा पसंद करते हैं इसे सलाद में मूली ,गाजर, प्याज ,टमाटर जैसे अन्य सब्जियों के साथ शामिल कर खाया जाता है।  इसे उबालकर खाने का भी चलन है। दक्षिण भारत में इसे उबालकर भी खाया जाता है लेकिन उबालने पर इसके कुछ तत्व नष्ट भी हो जाते हैं। इसलिए चुकन्दर को कच्चा खाना ज्यादा अच्छा माना गया है।

चुकंदर का जूस भी पिया जाता है , बुजुर्ग हो या बच्चे चुकंदर का जूस सबको लेना चाहिए। इसके अलावा भारत में चुकंदर की सब्जी बनाकर खाने का भी काफी चलन है। इसकी सब्जी बनाने में कोई अतिरिक्त विधि अपनाने की जरूरत भी नहीं पड़ती  है बस जैसे आलू या गाजर की सब्जी बनाई जाती है उसी तरह से चुकंदर की सब्जी बनाकर खाई जा सकती है।

इतने सभी फायदे के साथ ही साथ चुकंदर हमारे दाँत , त्वचा और बालों के लिए भी एक वरदान है। चुकन्दर के पेड़ की पत्तियां हों, या हो जड़ हर हिस्सा हमारे किसी न किसी काम तो अवश्य ही आता है और न सिर्फ काम आता है बल्कि हमें बीमारियों की चपेट में आने से भी बचाता है। इसलिए हमें चुकन्दर का सेवन नियमित रूप से करते रहना चाहिए।

निष्कर्ष

चुकन्दर एक बेहद ख़ास सब्जी है, जो हमारे मस्तिष्क से लेकर मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है और यदि इसका उचित रूप से सेवन किया जाए तो एक परिवार में मौजूद बुज़ुर्ग , महिला ,पुरुष और बच्चा सदैव स्वस्थ रहते हुए अपना जीवन व्यतीत कर सकते हैं फिर चाहे सलाद में शामिल कर हो या फिर जूस के तौर सेवन कर हो , चुकंदर हमेशा शरीर फायदा ही करेगा लेकिन एक बात याद रखनी भी ज़रूरी कि किसी भी अच्छे आहार का हद से ज़्यादा सेवन शरीर को लाभ की जगह हानि पहुँचा सकता है।

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