हेमपुष्पा सिरप के फायदे और उपयोग | Benefit Of Hempushpa Syrup In Hindi

hempushpa syrup in hindi

शरीर की कई बीमारियों का इलाज करने के लिए हेमपुष्पा (Hempushpa Syrup) के बहुत ही अच्छी और लाभकारी आयुर्वेदिक ओषधि है| हेमपुष्पा खून को साफ़ करती है, मासिक धर्म संबधी समस्याओं में कारगार है, हार्मोनल असंतुलन में उपयोगी और इसके अलावा शारीरिक और मानसिक कई रोगों में कारगार है.

हेमपुष्पा उन महिलाओं के लिए वरदान है जो मासिक धर्म के दौरान कई समस्याओं का सामना करती है. लेकिन साथ में इसका इस्तेमाल बहुत सावधानी से करना चहिये. आज की इस पोस्ट में हम आपको हेमपुष्पा के फायदे, उपयोग, सावधानी और साइड इफ़ेक्ट के बारे में बतायेंगे.

हेमपुष्पा (Hempushpa Syrup in hindi) में उपयोग किये जाने वाले तत्व

हेमपुष्पा (Hempushpa Syrup) में मंजिस्ठा, लोध्र, बाला, बाख, गोखरू, मुस्ली, धैफुल, गम्भारी, शतावरी, अनंतमूल, दारूहल्दी, शंखपुष्पि, नागरमोथा आदि बहुत सी आयुर्वेदिक ओषधियां पाई जाती है.

हेमपुष्पा का प्रयोग किनकिन रोगों में किया जाता है? (Hempushpa Syrup Uses in Hindi)

  • अनियमित पीरियड
  • कमर दर्द
  • गैस की समस्या
  • खून के शुद्दिकरण में
  • खून की कमी में
  • मासिक धर्म के दौरान रक्तस्राव में
  • पीरियड बार-बार जल्दी आने में
  • पोषक तत्वों की पूर्ति में
  • हाथ-पैर में जलन में
  • हार्मोनल असंतुलन में
  • हैवी पीरियड में

कुल मिलकर यह दवाई लड़कियों और महिलओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. महिलाओं और लड़कियों को सबसे ज्यादा दर्द और तकलीफ मासिक धर्म के दौरान ही आती है और ऐसे में यह दवाई बहुत कारगार और लाभकारी है.

हेमपुष्पा सेवन विधि 

हेमपुष्पा के 7 मिलीलीटर के डोज को दिन में दो बार लेना चाहिए. इसकी अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से सलाह ले सकते है और दवा विक्रेता से बात कर सकते है.

हेमपुष्पा के फायदे (Benefit Of Hempushpa Syrup In Hindi)

पेशाब संबधी समस्याओं को ठीक करने में

पेशाब ना आना, पेशाब में जलन होना, पेशाब गहरे या पीले रंग का आना आदि में हेमपुष्पा सिरप बहुत ही फायदेमंद है. यह आपके गुर्दे को सही करती है जो पेशाब नियमित करता है.

पीरियड के दर्द में

कुछ लड़कियों को पीरियड में बहुत दर्द और एंठन होती है. ऐसी लड़कियों को हेमपुष्पा सिरप का सेवन पीरियड के दौरान करना चाहिए इससे फायदा मिलता है. जरुरी नहीं हे की आप इसे पुरे महीने ले बल्कि आप इसे पीरियड के दौरान भी पी सकती है.

रेगुलर पीरियड में

कुछ लड़कियों और महिलाओं की शिकायत रहती है की उन्हें पीरियड टाइम पर नहीं आते और पीरियड के दौरान दर्द होता है और ब्लीडिंग भी होती है तो ऐसे में हेमपुष्पा का सेवन करना बहुत लाभकारी है. यह पीरियड संबधी तकलीफों को आसानी से दूर कर देती है.

मीनोपोज मे

मीनोपोज के दौरान महिलाओं का शरीर बहुत कमजोर हो जाता है. पसीना आना, कमजोरी होना, चक्कर आना आदि इसके लक्ष्ण है. ऐसे में हेमपुष्पा सिरप का सेवन बहुत फायदेमंद है. यह शरीर में वापिस से उर्जा का संचार करती है.

सही वजन हासिल करने में

जो महिलाएं बहुत पतली है और जिनका वजन बहुत तो उनके लिए यह सिरप बहुत ही फायदेमंद है. हेमपुष्पा सिरप का लगातार सेवन करने से वजन भी कण्ट्रोल में आता है और उंचाई भी बढ़ती है.

गैस की समस्याओं में

जिन महिलाओं को गैस से संबधित समस्याएं होती है उनके लिए यह बहुत ही असरदार दवाई है. यह दवाई आंतो के विकारों में बहुत लाभदायक है.

त्वचा संबधी समस्याओं में

हमारे चेहरे पर फुंसियां और रूखापन गंदे खून की वजह से होता है  ऐसे में हेमपुष्पा खून को साफ़ करती है जिससे त्वचा में चमक आती है और त्वचा संबधी समस्याओं से राहत मिलती है.

हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने में

कई महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन देखने को मिलता है. जिनकी वजह से मुहांसे, अनचाहे लगातार वजन बढ़ना, कम कामेच्छा, अनिंद्रा आदि समस्याएं होती है. ऐसे में हेमपुष्पा सिरप किसी वरदान से कम नहीं है. यह हार्मोनल असंतुलन को ठीक करती है और विकारों को दूर करती है. यह लड़कियों को पोषण प्रदान करती है और उनके फीगर को मेंटेन रखने में मदद करती है.

प्रेगनेंसी में फायदेमंद

हेमपुष्पा प्रेगनेंसी में कमजोरी, अपच, कब्ज आदि समस्याओं को मदुर करती है. हेमपुष्पा गर्भकाल के दौरान महिलाओं को स्वस्थ रखती है. हेमपुष्पा के सेवन से पैदा होने वाला बच्चा भी स्वस्थ पैदा होता है.

पेट संबधी रोगों में फायदेमंद

पेट दर्द, पेट में मरोड़े आना, गैस बनना, अपच, जी मचलना, पेट में भारीपन आदि में हेमपुष्पा सिरप बहुत ही फायदेमंद है. यह हेमपुष्पा और अंत संबधी रोगों को दूर करती है.

हेमपुष्पा सिरप के साइड इफ़ेक्ट (Side Effect Of Hempushpa Syrup In Hindi)

हालाँकि हेमपुष्पा के इतने साइड इफ़ेक्ट नहीं है क्योंकि यह एक आयुर्वेदिक ओषधि है. लेकिन फिर भी इसके लगातार सेवन से महिलाओं का वजन बढ़ सकता है. इसलिए इस दवाई को लेने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरुर ले. मोटापे और नियमित पीरियड में इसे ना ले तो अच्छा रहेगा|

हेमपुष्पा के सेवन में बरतें यह सावधानियां (Precautions Of Hempushpa Syrup in Hindi)

  • हेमपुष्पा सिरप नाप वाले ढक्कन से नाप कर ही ले.
  • इसे खाली पेट नहीं लेना चाहिए. भोजन करने के कुछ देर बाद इसे लेना चाहिए.
  • प्रेगनेंसी के दौरान डॉक्टर की सलाह से इसे ले.
  • हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, गुर्दे की समस्याएं वाले इसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार ले.
  • स्तनपान के दौरान इस दवाई को डॉक्टर की सलाह से ले.
  • शराब के साथ हेमपुष्पा सिरप का सेवन ना करें. अन्यथा इसके विपरीत परिणाम हो सकते है.
  • अगर इसमें मौजूद किसी भी सामग्री से आपको एलर्जी है तो डॉक्टर को दिखाकर ही इसका सेवन करें.
  • अगर आप पहले से कोई विटामीन ले रहे है तो भी डॉक्टर की सलाह से इसे ले.
  • अगर आपको लगता है की इस दवा का ओवरडोज हो गया है तो अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें.

हेमपुष्पा सिरप महिलाओं के लिए है वरना

हेमपुष्पा सिरप को खासकर महिलाओं के लिए ही बनाया गया है. प्रेगनेंसी, पीरियड, मूड स्विंग, सर दर्द, कब्ज, उल्टी, जी मचलना, कमर दर्द, भूख ना लगना जैसी महिलाओं की कई बीमारियों में हेमपुष्पा बहुत फायदेमंद है.

 

 

 

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