ब्लैडर कैंसर (Bladder Cancer) क्या है? जानिए इसके लक्षण, कारण और उपाय | Bladder Cancer in Hindi

Bladder cancer in hindi

Bladder Cancer In Hindi कैंसर बहुत ही खतरनाक जानलेवा बीमारी है| अगर इसका समय रहते इलाज ना हो तो सिर्फ मौत ही इसका इलाज है, इसलिए लोग कैंसर के नाम से बहुत डरते है, कैंसर शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित कर सकता है| ब्रेस्ट कैंसर, सवाईकल कैंसर, ब्लड कैंसर, लंग कैंसर, ब्रेन कैंसर आदि सब कैंसर के प्रकार है|

पूरी दुनिया में लाखों लोग इसकी बीमारी के चपेट में आ जाते है और मौत के मुहं में समा जाते है|आपने न्यूज़ में भी कई सेलेब्रिटी को भी कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से झुझते देखा होगा, अगर समय रहते इसका पता चल जाए तब तो बचाव संभव है लेकिन बाद में यह विकराल रूप ले सकता है और जिंदगी को खत्म कर सकता है|

ब्लैडर कैंसर (Bladder Cancer) भी एक ऐसा ही कैंसर का प्रकार है| जिसमे कैंसर के सेल्स रोगी के यूरिनरी ब्लैडर तक पहुँच जाते है आज की इस पोस्ट में हम आपको विस्तार से बताएँगे की ब्लैडर कैंसर क्या है, यह क्यों होता है, इसके लक्षण क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है.

ब्लैडर कैंसर क्या है? (What is Bladder Cancer)

ब्लैडर कैंसर अर्थात मूत्राशय का कैंसर(urinary bladder meaning in hindi), डॉक्टर के अनुसार ब्लैडर (bladder cancer in hindi) यानी मूत्राशय की वाल के टिश्यूज में इन्फेक्शन होने की वजह से इस तरह के कैंसर की शुरुआत होती है| इसमें ब्लैडर की कोशिकाओं में परिवर्तन आने लगता है और यह उस तरीके से काम नहीं करता, जिस तरीके से इसे काम करना चाहिए|

जब ब्लैडर यानी मूत्राशय पूरी तरह से मूत्र से भर जाता है तो वह इंसान के दिमाग की नसों को सन्देश भेजने लगता है और ऐसे में व्यक्ति को मूत्राशय खाली करने की लालसा होने लगती है| जब शरीर के इस अवयव में जरूरत से ज्यादा असामान्य कोशिकाएं पनपने लगती है तब उसे ब्लैडर कैंसर यानी मूत्राशय का कैंसर कहा जाता है. यह महिलाओं और पुरुषों दोनों में हो सकता है|

ब्लैडर कैंसर होने के कारण (Reason Of Bladder Cancer in Hindi)  

  • ऐसे लोग जो अधिक धुम्रपान करते है उन्हें इसका खतरा ज्यादा रहता है. व्यक्ति जितनी अधिक सिगरेट, तम्बाकू आदि का सेवन करेगा, उतना ही ज्यादा इस कैंसर का खतरा बढ़ जायेगा| ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन तम्बाकू पदार्थों में हानिकारक रसायन और कैमिकल होते है जो ब्लड में मिल जाते है और किडनी से छन कर मूत्राशय में आ जाते है. फिर यह रसायन धीरे-धीरे ब्लैडर की अंदर की भित्तियों को नुकसान पहुंचाते है और इससे ब्लैडर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है|
  • 40 साल के बाद की उम्र वाले व्यक्तियों में यह ज्यादा देखने को मिलता है अर्थात बुढापे में यह कैंसर ज्यादा देखा जाता है|
  • काम के दौरान कार्यस्थल पर हानिकारक रसायनों और कैमिकल के सम्पर्क में आने से भी इसका खतरा बढ़ जाता है. जैसे चमडा, कपड़ा, प्लास्टिक आदि उद्योगों में उपयोग लिए जाने वाले कैमिकल ब्लैडर कैंसर के कारण माने जाते है|
  • महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में यह कैंसर ज्यादा होता है|
  • लकवा ग्रस्त व्यक्तियों में यह ज्यादा होता है|
  • अगर परिवार में किसी सदस्य को ब्लैडर कैंसर है, तो उस स्थिति में परिवार से संबधित किसी व्यक्ति को यह कैंसर हो सकता है|

ब्लैडर कैंसर के लक्षण (Symptoms Of Bladder Cancer in Hindi)

ब्लैडर कैंसर के लक्षण निम्नलिखित होते है।

  • पेशाब में खून आना, यह ब्लैडर कैंसर का सबसे सामान्य लक्षण है|
  • पेशाब करते समय जलन होना या बार-बार पेशाब लगना, पेशाब के लिए बार-बार उत्तेजित होना|
  • पेट या पीठ के निचले भाग में दर्द होना|
  • किडनी में पथरी का होना|
  • वजन कम होना|
  • पैर के निचले भाग में सुजन|
  • हड्डियों में दर्द|
  • एनीमिया
  • यूरिन के साथ-साथ छोटे-छोटे मांस आना|
  • पेशाब का रुक जाना|
  • हमेशा बुखार रहना|
  • खांसने के दौरान खून आना|
  • स्तन में गाँठ होना|
  • माहवारी के दौरान अधिक खून आना|
  • पेशाब का रंग गहरा होना|

ब्लैडर कैंसर का इलाज (Treatment Of Bladder Cancer in Hindi)

  • ऑपरेशन
  • इंट्रावेसीकल थैरेपी
  • रेडिएशन थैरेपी
  • किमोथरेपी

ब्लैडर कैंसर की जांच (Bladder Cancer Checking in Hindi)

  • यूरिन टेस्ट (Urine Test)
  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)

अल्ट्रासाउंड से ब्लैडर कैंसर जल्दी पकड़ में आता है. इससे पहले स्टेज में ही इस कैंसर का पता लगाया जा सकता है.

ब्लैडर कैंसर के प्रकार (Types of Bladder Cancer in Hindi)

ब्लैडर कैंसर दो तरह का होता है पहला स्लो ग्रोइंग और दुसरा मल्टीप्ल ग्रोइंग|

स्लो ग्रोइंग:- इसमें ब्लैडर ट्यूमर ज्यादा अंदर नहीं जाता और इसे दूरबीन की मदत से निकाला जा सकता है| इस स्टेज में ब्लैडर का इलाज आसानी से किया जा सकता है. इसमें 75% तक चांस रहता है की इस तरह का कैंसर दोबारा ना हो.

मल्टीपल ग्रोइंग:- इसमें ब्लैडर ट्यूमर बहुत जगह पर हो जाता है. अगर इसमें ट्यूमर मूत्राशय के अंदर तक चला गया तो बहुत खतरनाक स्थिति हो सकती है, इसके फैलने के चांस बहुत ज्यादा होते है| यह खून के जरिये ग्लैंड, लीवर और शरीर के अन्य भागों तक पहुँच सकता है| इस तरह के कैंसर में 50% तक मामलों में मौत हो सकती है, इसमें सर्जरी की जाती है और पूरा यूरिनरी ब्लैडर निकाल दिया जाता है|

इन बातों का ध्यान रखकर ब्लैडर कैंसर से बचा जा सकता है

  • स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं|
  • धुम्रपान और तम्बाकू से दूर रहें|
  • हानिकारक रसायनों और कैमिकल से दुरी बनाये रखें|
  • योग और व्यायाम करें|
  • ध्यान रखें शरीर में किसी भी तरह की गंदगी का प्रवेश ना हो|

आज की इस पोस्ट में आप अच्छे से जान गए होंगे की ब्लैडर कैंसर क्या है, इसके प्रकार क्या है, लक्षण और कारण क्या है तथा इसका इलाज कैसे किया जाता है उम्मीद करता हु की आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी. अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और कमेंट बॉक्स में अपने विचार दे|

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