चिकनगुनिया के लक्षण और घरेलु उपचार | Chikungunya Symptoms in Hindi, Chikungunya ke Lakshan

chikungunya ke lakshan in hindi

चिकनगुनिया (chikungunya treatment in hindi) यह एक वाइरस होता है, जो मच्छरों के काटने से फैलता है। चिकनगुनिया को सबसे पहले सन १९५२ में दक्षिण की तंजिया में पाया गया और अभी यह बीमारी लगभग 60 -65  देशो में फेल चुकी है। इस बीमारी में व्यक्तियों के जोड़ो में दर्द होता है| यह बहुत ही खतरनाक बीमारी होती है। इस बीमारी में मनुष्य इतना कमजोर हो जाता है, की वह कुछ भी काम नहीं कर सकता है। इसमें मनुष्य के हाथ-पैर टूटने जैसे लगते है। चिकनगुनिया (chikungunya in hindi) का रोग एडीज मच्छर एइजिप्टी के काटने से फैलता है। यदि आप को यह एडीज मच्छर काटते है तो इसके लक्षण (chikungunya ke lakshan) आप को 2-8 दिन तक महसूस होने लगते है। यह वाइरस एक बार फैलने पर हर 7 -8  साल में रिपीट होता है, जैसा की यह बीमारी भारत में 2010 में आई थी| उसके बाद इसको 2016  में फिर से देखा गया। चिकनगुनिया शब्द की उत्पत्ति साउथर्न तंज़ानिया में बोली जाने वाली भाषा kimakonde  से लिया गया है। जिसका अर्थ  “मुड़ा हुआ ” या  “विकृत” होता है। जिस मनुष्य को चिकनगुनिया की बीमारी होती है| वह व्यक्ति सही ढंग से चल भी नहीं पाते है उसे झुक-झुक कर चलना पड़ता है। यही कारन है की इसे चिकनगुनिया (chikungunya in hindi) नाम दिया गया है।

चिकनगुनिया के लक्षण (Chikungunya Symptoms in Hindi)

चिकनगुनिया (chikungunya symptoms in hindi) मच्छर के काटने से फ़ैलने वाली बीमारी होती है। इसके लक्षण डेंगू की बीमारी जैसे ही होती है।यदि आप को यह मच्छर काटते है तो इसके लक्षण आप को 7 -8 दिनों तक महसूस होने लगते है। कुछ लक्षण निम्नलिखित है जो चिकनगुनिया के बीमारी फैलने से होते है।

  • सिरदर्द करना।
  • कमरदर्द करना ।
  • माशपेशियों में दर्द।
  • जोड़ो में दर्द।
  • ठण्ड लगाकर बुखार आना।
  • कमजोरी आना।
  • भूक न लगना।
  • पेट दर्द
  • मचलाहट होना।
  • उलटी
  • लाइट या प्रकाश सहन नहीं कर पाना।
  • शरीर पर चकते पड़ना।
  • शरीर में दर्द और सूजन की परेशानी।  (और पढ़े :- मलेरिया के बारे में )
  • गुर्दे की परेशानी या बॉडी में दर्द।

चिकनगुनिया का निदान (Chikungunya Diagnosis in Hindi)

चिकनगुनिया का डायग्नोसिस (chikungunya diagnosis in hindi) या जिसे हम साधारण भाषा में निदान भी कहते है। यह डॉक्टर के द्वारा किया जाता है| इस प्रोसेस में मनुष्य के ब्लड के बहुत सारे टेस्ट किये जाते है। आइए आज हम आप को बताते है की चिकनगुनिया में किन-किन टेस्टो को किया जाता है।

  • कम्प्लीट ब्लड काउंट (CBC Test):- यह एक प्रकार का ब्लड टेस्ट होता है। जिसमे मनुष्य के ब्लड के सेम्पल को चेक किया जाता है। यदि आप के ब्लड में WBC (white blad cell) या platelet  count में कमी होने पर चिकनगुनिया होने की संभावना होती है।
  • वाइरस आइसोलेशन (Virus Isolation) :- संक्रमण के शुरवाती समय में रक्त से चिकनगुनिया के वाइरस को अलग करने का काम इस टेस्ट के द्वारा किया जाता है।
  • Reverse transcriptase – polymerase chain reaction (RT- PCR):- इस टेस्ट में चिकनगुनिया के GENE की टेस्ट होती है।
  • ENZYME – Linked immunosorbent assays (elisa):- इस रक्त टेस्ट के द्वारा चिकनगुनिया के antbodies रक्त में है, या नहीं इसकी जांच की जाती है। इस टेस्ट के द्वारा चिकनगुनिया या डेंगू के बीमारी का पता लगाया जा सकता है।

चिकनगुनिया से बचने के उपाय (Chikungunya Precaution in Hindi)

चिकनगुनिया से बचने के उपाय निम्नलिखित है।

  • चिकनगुनिया के बीमारी से बचने के लिए घर के बाहर और अंदर साफ – सफाई रखना चाहिए। जिससे चिकनगुनिया के मच्छर पैदा न हो सके।
  • घर में पानी को ज्यादा दिनों तक एकत्रित करके न रखे।
  • कूलर का काम न होने पर उसमे एकत्रित हुए पानी को साफ कर ले ताकि उस पानी में मच्छर एकत्रित न हो पाए।
  • गमलो और गड्डो में पानी को एकत्रित न होने दे।
  • घर में कीटनाशक औषधि का छिड़काव करे। परन्तु छिड़काव करने से पहले इसकी जांच अवश्य करवा ले।
  • बर्तन को खाली कर उल्टा करके रखे।
  • खिड़की और दरवाजे पर जाली लगाकर रखे ताकि मच्छर अंदर न आ सके, और हो सके तो शाम होने के पहले ही घर के खिड़की दरवाजे बंद कर ले।
  • ऐसे कपडे पहने जो पुरे शरीर को ढक सके।
  • रात में सोते समय मच्छर दानी का उपयोग करे।
  • अपने आस-पास के लोगो को भी मच्छरों से फैलने वाले संक्रमण के रोकने के लिए प्रोत्साहित कीजिए।
  • इसलिए साफ-सफाई और बचाव के कार्यो को करने से आप चिकनगुनिया,डेंगू या अन्य संक्रमित रोगो को रोकने में कामयाब हो सकते है।

चिकनगुनिया के घरेलु उपचार (Chikungunya Home Treatment in Hindi)

चिकनगुनिया की बीमारी को ठीक करने के लिए कुछ घरेलु उपचार भी होते है। जिससे आप चिकनगुनिया की बीमारी को आसानी से ठीक किया जा सकता है।

पपीते की पत्तिया (Papaya Leaf ke fayde)

पपीते की पत्तिया चिकनगुनिया या डेंगू जैसी बीमारियों के लिए बहुत ही लाभदायक होती है। इन पत्तियों से उनके डंठल को अलग करके सिर्फ पत्तियों को पीसकर उनके जूस को दिन में दो- तीन बार पिने से चिकनगुनिया के कारन कम होने वाले प्लेटलेट्स को बढ़ाने का काम करती है। यदि आप इसको नियमित रूप से २-३ दिन तक लगातार पीते हो तो यह 3 घंटे के अंदर प्लेटलेट्स को बढ़ा देती है।

लहसुन और सहजन की फल्ली (Garlic and Drum Stick ke fayde in Hindi)

लहसुन और सहजनकी फल्लिया चिकनगुनिया के इलाज के लिए बहुत ही फायदेमंद होते है। क्योकि जो चिकनगुनिया का मरीज होता है उसके हाथ-पैरो में बहुत दर्द होता है। यदि आप लहसुन और सहजन की फली को तेल में गर्म करके उबालते है और बाद में चिकनगुनिया वाले मरीजों के हाथ-पेरो की मालिश करते हो तो यह उनके दर्द को कम करने का काम करता है। लहसुन का उपयोग विभिन्न प्रकार के दर्द में किया जाता है।

आजवाइन और तुलसी (Ajwain and Tulsi ke fayde in Hindi)

आजवाइन और तुलसी का उपयोग चिकनगुनिया की बीमारी को ठीक करने के लिए किया जाता है। यदि आप किशमिश, आजवाइन, तुलसी और निम् की पत्तियों को एक साथ मिलाकर उनको पानी में उबाल ले बाद में उसे छान कर दिन में दो से तीन बार करके पिए। इससे आप का चिकनगुनिया अवश्य ही ठीक हो जायेगा।

लौंग (Laung or Clove ke fayde in Hindi)

यदि आप लहसुन को पीसकर उसमे लौंग का तेल मिलाकर उसको उबालकर जोड़ो में होने वाले दर्द के ऊपर लगाने से दर्द में राहत मिलती है| यह शरीर के तापमान को भी कम करने का काम करता है।

अंगूर (Grapse ke Chikungunya me fayde in Hindi)

अंगूर गाय के कुन -कुनै दूध के साथ उबालकर पिने से चिकनगुनिया की बीमारी को ठीक किया जा सकता है। बस ध्यान रहे की अंगूर बिना बीज के होना चाहिए।अंगूर में मौजूद फिनालक यौगिक में एंटीऑक्सीडेंट और इंटिव्युवरल होते है जो चिकनगुनिया के वाइरस से लड़ने में मदत करता है।

गाजर के फायदे (Carrot ke fayde in Hindi)

कच्ची गाजर का उपयोग चिकनगुनिया (chikungunya in hindi) की बीमारी में लाभदायक होता है। यह रोगी के रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदत करता है, और साथ ही साथ जोड़ो के दर्द के इलाज में ही भी सहायक होती है।

हल्दी के फायदे (Haldi ke upyog in Hindi)

चिकनगुनिया (chikungunya in hindi) के इलाज के लिए हल्दी बहुत ही लाभदायक होता है। क्योकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते है। जो सुजन को कम करने का काम करते है। यदि आप सुबह -शाम कुनकुने दूध में हल्दी मिलाकर पिने से यह थकन को भी कम करता है।

विटामिन सी (Vitamin C in hindi)

चिकनगुनिया में होने वाले दर्द को कम करने के लिए विटामिन सी की आवश्यकता होती है। इसलिए ऐसे समय कीवी,संतरा ,पपीता  विटामिन सी की गोलियों का उपयोग किया जाता है।

लाल मिर्च के उपयोग (Lal mirch ke fayde in Hindi)

लाल मिर्च में कैप्सेसिन अधिक मात्रा में होता है। जो सूजन को कम करने के लिए किया जाता है। मिर्च पावडर के 3 बड़े चम्मच को 5 -10 मिनिट तक गलाकर रखने से इसे उबाल ले और उसमे आधा चम्मच मोम मिलाने से उसे घुमाया जाता है। इस मिश्रण में 1 कप जैतून का तेल मिक्स करे और १० मिनिट के लिए फ्रिज में रख दे। इसके पच्छात दर्द होने वाली जगह पर इस पेस्ट को लगाए।

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