अलसी क्या है? इसके फायदे,उपयोग और नुकसान | Flaxseed in Hindi

Flaxseed in Hindi

अलसी (flaxseed in hindi) की खेती बहुत प्राचीन समय से हो रही है। जब से हमारे यहाँ सभ्यता की शुरुआत हुई है, तब से अलसी खेती होना शुरू हो गयी थी। अलसी का मुख्यतः उपयोग कपडे बनाने के लिए उपयोग होने वाले फाइबर का उत्पादन करने के लिए किया जाता है|अलसी के बीज आकर में छोटे तथा भूरे और सुनहरे रंग के होते है, बाज़ार में आपको दो प्रकार की अलसी मिल सकती है, सुनहरी और भूरी। सुनहरी अलसी में थोड़ा अधिक प्रोटीन होता है। अलसी साबुत, तेल और गोलियों के रूप में भी बाज़ार में उपलब्ध होती है। भूरी अलसी हदय के लिए बहुत फायदेमंद रहती है और आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में करती है|

अलसी के फायदे और उपयोग  (Flaxseed Benefits and Uses in Hindi)

अलसी का उपयोग आयुर्वेदिक दवाई के रूप में भी किया जाता है। इसका सेवन करने से हम अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते है। अलसी का उपयोग निम्नलिखित बीमारियों को सुधारने के लिए भी फायदेमंद होती है।

हदय रोग के लिए अलसी के फायदे (Flaxseeds Benefits for Heart in Hindi)

अलसी के बीज का सेवन करने से हृदय रोग और स्ट्रोक के खतरे को दूर किया जा सकता है, यह धमनियों की सूजन को भी कम करता है,रोजाना अलसी के बीज का सेवन करने से स्वस्थ हृदय भी पा सकते है।

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए  (Flaxseeds for Lowering Cholesterol in Hindi)

अगर आप रोजाना अलसी का इस्तेमाल कर रहे है तो इससे ख़राब कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिलेगी। खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने के लिए रोजाना 2 से 4 चम्मच पिसे हुए अलसी के बीजो को खाना चाहिए।

वजन कम करने के लिए (Flaxseeds Help in Weight loss in Hindi)

अलसी के बीज (flax seeds) वजन कम करने के लिए बहुत फायदेमंद होते है। इसके अंदर ओमेगा-3 होता है जो चर्बी को जमा होने से रोकता है और हमारे शरीर को चुस्त बनाने में भी मदद करता है। अगर आप उठकर एक्सरसाइज के लिए समय नहीं दे पाते तो अलसी का सेवन आपको अपने रुटीन में शामिल कर लेना चाहिए।

कैंसर के लिए अलसी के फायदे (Flaxseeds for Cancer in Hindi)

अलसी हमारे शरीर में एंटीऑक्सीडेंट कैंसर से सुरक्षा प्रदान करती है अलसी स्तन, पेट और प्रोस्टेट कैंसर के विकास को कम करता है।

मधुमेह के लिए अलसी के फायदे (Flaxseeds for Diabetes in Hindi)

अलसी के बीज का रोज सेवन करने से टाइप 2 मधुमेह के रोगियों में रक्त शर्करा के स्तर में सुधार लाया जा सकता है|यदि आप दो महीने तक अलसी के बीज के सप्लीमेंट का सेवन करते है तो ही उनके रक्तशर्करा के स्तर पर सकरात्मक प्रभाव पड़ता है।

अलसी का सेवन जोड़ो के दर्द से दिलाये राहत (Flaxseeds for Joint pain in Hindi)

अलसी जोड़ो के दर्द के लिए बहुत आराम दायक रहता है। इसे खाने से खून भी पतला होता है, इसके कारण हमें दर्द जैसी समस्याओ में आराम मिलता है। अलसी के पाउडर को तेल में मिला कर गरम कर ले और फिर ठंडा होने पर जोड़ो पर लगा ले इससे जोड़ो के दर्द में बहुत आराम मिलता है।

अलसी के दुष्प्रभाव /नुकसान  (Flaxseed Side Effects in Hindi)

अलसी का सेवन करने से आमतौर पर तो कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होते है। लेकिन आप तो जानते ही है की किसी भी वास्तु का अधिक मात्रा में सेवन करना हानिकारक होता है। इसलिए इसका सेवन करने से पहले किसी जानकर व्यक्ति से अवश्य जानकारी ले। इससे होने वाले साइड इफ़ेक्ट निम्नलिखित है।

  • गर्भवती और स्तनपान करने वाली महिलाओं को अलसी के बीज को नहीं खाना चाहिए।
  • अगर मधुमेह दवा के साथ-साथ आप अलसी का सेवन करते है तो आप ब्लड शुगर के लेवल की जांच करते रहे।
  • अधिक मात्रा में अलसी खाने से एलर्जिक रिएक्शन का कारण भी बन सकता है।
  • अलसी के ज्यादा सेवन से आंतो में भी रुकावट की समस्या आती है।
  • अलसी के बीज के ज्यादा सेवन से गैस की समस्या भी हो जाती है।

अलसी को कब खाये और खाने के तरीके

अलसी को खाली पेट खाना बहुत फायदेमंद होता है। ऐसे में इसको आप रोज सुबह खाली पेट खा सकते है।

किस तरह से सेवन करे

लोगो के मन में सवाल रहता है की अलसी को कैसे खाये, क्या है इसका खाने का सही तरीका। जब भी आप अलसी को खाये तो सही तरीके से चबाएं नहीं तो यह बिना पचे आपके शरीर से बाहर निकल जाएगी। इस मामले में पीसी हुई अलसी ज्यादा बेहतर है। खाना बनाने के लिए अन्य तेलों की जगह आप अलसी के तेल (flaxseed oil in hindi) का भी उपयोग कर सकते है।

आप अलसी को बहुत प्रकार से सेवन कर सकते है जैसे – अलसी की रोटी, पराठा, ब्रीड, पूड़ी, मिठाई, सलाद और बहुत कुछ।एक चम्मच अलसी आपके खाने को बहुत पोषित बना सकती है|

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