जोड़ों में दर्द का लक्षण, कारण और इलाज | Joint Pain Symptoms, Causes Treatment in Hindi

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जोड़ो में दर्द (अर्थ्राल्जिया) (Joint Pain (Arthralgia) in Hindi)

आज की बदलती हुई दिनचर्या के कारन जोड़ो में दर्द (Joint pain in hindi) होना एक आम समस्या हो गई है, और यह उम्र के साथ-साथ बढती जाती है। जोड़ो के दर्द में दोनों जोड़ो में दर्द होता है, यह दर्द कम ज्यादा या तेज भी हो सकता है।जोड़ो में दर्द के लक्षण विभिन्न प्रकार के होते है जैसे:- संक्रमण, गठिया, चोट और अन्य बीमारिया भी होती है। हड्डी और जोड़ो के दर्द के कारन चलने -फिरने में परेशानी होती है। और यह दर्द बहुत ही पीड़ादायक होता है। इनमे कुछ समस्याए ऐसी होती है जिनको सर्जरी या ऑपरेशन के द्वारा ठीक किया जा सकता है। हड्डी और जोड़ो के दर्द में खिचाव सा महसूस होता है। हड्डी और जोड़ो के दर्द में, जोड़ो का दर्द बहुत ही दर्दनाक होता है।

जोड़ो में दर्द (अर्थ्राल्जिया) के लक्षण (Joint pain (Arthralgia) Symptoms in Hindi)

जोड़ो में दर्द और गठिया के लक्षण (joint pain symptoms in hindi) एक जैसे ही होते है और यह लक्षण निम्नलिखित है।

  • जोड़ो में या हड्डियों में अकड़न।
  • चलने -फिरने में दर्द होना।
  • जोड़ो के दोनों तरफ दर्द होना।
  • जोड़ो में सूजन या गर्मी पैदा होना।
  • मरोड़ आना|
  • बैठते -उठते समय जोड़ो में दर्द होना।
  • दौड़ते समय जोड़ो का लॉक हो जाना।
  • हड्डियों का आपस में खुरचने से दर्द होना।

इसके अलावा यदि आप को बुखार,थकान और वजन कम जैसे लक्षण हो तो,यह कोई गंभीर या संक्रामक बीमारी हो सकती है। ऐसी स्थिति में आप को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, और उनकी सलाह के अनुसार दवाइयों का सेवन करना चाहिए।

जोड़ो में दर्द (अर्थ्राल्जिया) का कारण (Joint pain (Arthralgia) Causes in Hindi)

जोड़ो और हड्डियों में दर्द के विभिन्न कारण होते है। इसमें सबसे बड़ा कारण चोट लगना होता है। इसे माशपेशियों में दर्द, गठिया और बर्साइटिस आदि भी जोड़ो के दर्द के कारण होते है। जोड़ो के दर्द के कारण शरीर में नुकसान भी हो सकता है। इसके कारण निम्नलिखित है।

  • बोन कैंसर या वह कैंसर जो जोड़ो या हड्डियों तक फेल चुकी हो।
  • हड्डिया या जोड़ो में संक्रमण।
  • रूमेटिड गठिया।
  • बर्साइटिस
  • गाउट
  • वाइरस के कारण फ्रेक्चर।
  • हड्डियों में खनिज पदार्थ की कमी।
  • अधिक श्रम करने से हड्डिया या जोड़ो में दर्द।
  • ऐंठन या मोच के कारण
  • ऑस्टियोमाइलाइटिस
  • टेंडनाइटीस
  • ल्यूकोमिया
  • जिन बच्चो ने अभी चलना भी नहीं सीखा हो उनकी हड्डी टूटना।
  • ट्यूमर
  • सेप्टिक गठिया।

जोड़ो में दर्द (अर्थ्राल्जिया) और गठिया (आर्थराइटिस) में अंतर (Difference Between Arthralgia and Arthritis in Hindi)

जोड़ो के सूजन को गठिया कहा जाता है और जोड़ो का दर्द गठिया का एक लक्षण होता है। इन दोनों में निम्नलिखित अंतर होता है।

  • जोड़ो में दर्द और गठिया के लक्षण एक जैसे ही होते है। जोड़ो में दर्द और सूजन होने का अर्थ यह होता है की आप को गठिया है।
  • कई लोगो में जोड़ो का दर्द नियमित रूप से होता है या कभी कभी दर्द होने लगता है। इसमें जलन, खुजली सुन्न होना,कोमलता, गर्माहट या जलन महसूस होना। जबकि जोड़ो में दर्द, जकड़न और सूजन होते है। इन लक्षणों की तीव्रता कम गंभीर और अधिक तीव्र भी होती है।
  • जोड़ो में दर्द होने का मतलब यह नहीं है की आप को गठिया है ।परन्तु यह बात सही है की यदि आप को गठिया है तो आप के जोड़ो में भी दर्द होगा।
  • जटिलताओं और जोखिम के मामलो में गठिया और जोड़ो में दर्द एक सामान होता है।

जोड़ो में दर्द (अर्थ्राल्जिया) से बचाव (Joint Pain Precaution in Hindi)

जोड़ो में दर्द से बचाव के लिए निम्नलिखित उपायों का उपयोग किया जाता है।

  • जोड़ो को लपेटे या उन्हें ढक कर रखना चाहिए।
  • जितना हो सके जोड़ो को आराम दे और कोई भी गतिविधि को धीरे-धीरे करे|
  • जोड़ो के ऊपर कुछ लपेट कर उन्हें गुनगुने पानी से सेके।
  • जोड़ो को बर्फ के द्वारा भी सेक सकते है।
  • माशपेशियों के ऐंठन के लिए आप हीटिंग पैड का भी उपयोग कर सकते है।

उपरोक्त दिए गए उपाय इलाज मात्र है| यदि आप को अधिक परेशानी हो रही हो तो आप को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

जोड़ो में दर्द (अर्थ्राल्जिया) का परिक्षण (Diagnosis of Joint Pain in Hindi)

जोड़ो के दर्द में उनकी देखभाल करना बहुत ही आवश्यक होता है। यदि आप के जोड़ो में दर्द के साथ उनमे सूजन, कोमलता या लाली आदि लक्षण होते है, तो आप को तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

यदि आप की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है, या आप को किसी प्रकार की चोट लगी हुई है| जिसके कारन आप के जोड़ो में दर्द हो रहा है तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से चेकअप करवा लेना चाहिए। जिस गतिविधि के कारन के आप के जोड़ो में दर्द हो रहा है, डॉक्टर उस गतिविधि का परिक्षण करके आप के जोड़ो का परिक्षण करेंगे। परिक्षण के बाद कुछ अन्य टेस्ट होते है| जिनके द्वारा जोड़ो के दर्द का पता लगाया जा सकता है, जो निम्नलिखित है।

  • रक्त परिक्षण:- रक्त परिक्षण के द्वारा एरिथ्रोसाइट सेडीमेन्टेशन दर या सी -रिएक्टिव प्रोटीन के स्तरों की जांच कर सकते है।
  • रूमेटिड कारक टेस्ट।
  • जोड़ो के बिच का बैक्टेरियल और क्रिस्टल विश्लेषण के लिए परिक्षण।
  • जोड़ो के ऊतकों में बायोप्सी|

जोड़ो में दर्द का इलाज (Joint Pain Treatment in Hindi)

जोड़ो में दर्द का इलाज (joint pain treatment) उसके कारणों पर केंद्रित रहता है। यदि समस्या किसी चोट के कारन हुई हो तो शुरुवाती समय में दवाइयों से इसको ठीक किया जा सकता है। यदि जोड़ो में दर्द बहुत दिनों तक ठीक नहीं हो रहा है तो इसे सर्जरी या ऑपरेशन से भी ठीक किया जा सकता है।

आराम:- जोड़ो के दर्द में जितना हो सके आराम करना चाहिए। क्योकि ज्यादा घूमने -फिरने से जोड़ो का दर्द बढ़ता जाता है।

दर्द निवारक दवाई:– जोड़ो के दर्द के इलाज (jodo ke dard ka ilaj) के लिए डॉक्टर द्वारा दर्द निवारक गोलिया जैसे:-पेरासिटामोल,इबुप्रोफेन,कोम्बिफ्लैम और डायक्लोफेनेक का सेवन करने की सलाह दी जाती है। यह गैर-स्टेरायडल दवाई होती है, जो एनएसआईडीएस की श्रेणी में आती है।इन गोलियों का उपयोग दर्द और सूजन को कम करने के लिए किया जाता है। इन दवाइयों का दीर्घकालिक उपयोग नहीं करना चाहिए। क्योकि यह गैस्ट्रिक अल्सर,हृदय रोग और गुर्दे की क्षति आदि दुष्प्रभावों की जोखिम पैदा करता है। इन दवाइयों का अधिक मात्रा में सेवन करने से आप को नुकसान भी हो सकते है। इसलिए इन दवाइयों का सेवन करने से पहले डॉक्टर से संपर्क अवश्य करना चाहिए।

व्यायाम:-नियमित रूप से व्यायाम करने से जोड़ो के दर्द में राहत मिलती है। व्यायाम करने से मांसपेशिया और जोड़ो के दर्द में मजबूती आती है।

दर्द निवारक क्रीम:-जोड़ो के दर्द के ऊपर मरहम या स्प्रे करके कुछ क्रीम का यूज़ भी कर सकते है।

एंटीबायोटिक्स:-एंटीबायोटिक्स को जोड़ो के संक्रमण के कारण होने वाले जोड़ो के दर्द के इलाज के लिए लिया जाता है।

सप्लीमेंट्स:– कैल्शियम और विटामिन डी जैसी सप्लीमेंट का उपयोग करके हड्डियों को मजबूत किया जाता है। इसके अलावा ऐरोप्यूरोनाल एक एंजाइम होता है। जो गाउट के इलाज में प्रयोग किया जाता है।

थेरेपी:-ठन्डे या गर्म पानी के बैग से सेक कर भी जोड़ो के दर्द का इलाज किया जाता है।

जोड़ो में दर्द में परहेज (What to avoid During Joint Pain in Hindi)

यदि आप के जोड़ो में दर्द है, या इसके लक्षण आप को है तो आप को निम्नलिखित खाने से परहेज करना चाहिए।

  • तले हुए पदार्थ का सेवन करने से बचे।
  • शुगर से सबंधित पदार्थ का सेवन न करे।
  • एल्कोहल या किसी भी प्रकार की नशीले पदार्थ का सेवन करने से बचे।
  • बाहर का खाना खाने में परहेज करे।
  • कोक और सॉफ्ट ड्रिंक जैसे उत्पादों का सेवन करने से बचे।
  • आटा- आधारित उत्पाद।

जोड़ो में दर्द में क्या खाना चाहिए। (What to eat During Joint Pain in Hindi)

जोड़ो में दर्द में निम्नलिखित का सेवन करना चाहिए| जो जोड़ो को लचीला और मजबूत बनाने में मदत करता है।

  • ग्रीन टी का सेवन काने से यह जोड़ो में हुई सूजन को कम करने का काम करती है।
  • जैतून के तेल से मालिश करने से यह जोड़ो में दर्द को आराम दिलाता है।
  • हल्दी जोड़ो में दर्द में आराम दिलाती है।
  • कुछ मछलियों में ओमेगा 3 नमक फैटी एसिड रहता है। जो जोड़ो के दर्द में राहत पहुंचने का काम करता है।

इसके अलावा अन्य पदार्थ भी होते है जो जोड़ो में दर्द के आराम में फायदेमंद रहते है।

  • शिमला मिर्च
  • गोभी
  • प्याज
  • लहसुन
  • अदरक
  • पपीता
  • कीवी
  • अनानस
  • साइट्रस फल
  • मशरूम
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