प्रेग्नेसी (गर्भाशय परिक्षण) टेस्ट क्या है? कब और कैसे करें | When and how to do Pregnancy Test in Hindi

pregnancy test in hindi

प्रेग्नेंसी टेस्ट (pregnancy test in hindi) एक ऐसा टेस्ट होता है। जो महिलाओं के लिए उपयोग किया जाता है। क्योकि कभी कभी आप बच्चा पैदा करना नहीं चाहती हो, परन्तु आप ने सम्भोग करते हुए किसी प्रकार की सावधानी का उपयोग नहीं किया गया हो, तो उस समय प्रेग्नेंसी टेस्ट की आवश्यकता होती है। प्रेग्नेंसी को आसानी से चेक किया जा सकता है। किसी महिला या लड़कियों का पीरियड नहीं आता हो उस  समय प्रेग्नेंसी टेस्ट किट का उपयोग किया जाता है। गर्भवस्था के शुरवाती लक्षण जैसे उलटी होना, जी मचलना, कमर दर्द करना जैसे बदलाव नजर आने लगते है, तो महिलाओं में यह जानने की जिज्ञासा जागती है की वह गर्भवती है की नहीं  जिसके लिए वह प्रेग्नेंसी टेस्ट किट का यूज़ करती है। परन्तु प्रेग्नेंसी टेस्ट करने से पहले उनके मन में कुछ सवाल आते है जैसे की:- प्रेग्नेंसी टेस्ट कितने दिनों के बाद करना चाहिए। प्रेग्नेंसी टेस्ट कब करना चाहिए। प्रेग्नेंसी टेस्ट किट कैसे काम करता है। प्रेगा न्यूज का उपयोग कैसे करते है। ऐसे कई लाखो सवाल रहते है| जो लड़कियों और महिलाओं की दिमाग में चलते रहते है।

प्रेग्नेंसी टेस्ट कब करवाना चाहिए। (When to Take a Pregnancy Test in Hindi)

प्रेग्नेंसी टेस्ट आसानी से किया जाता है| ऐसे टेस्ट करने के लिए प्रेग्नेंसी टेस्ट किट (pregnancy test kit) का उपयोग किया जाता है। प्रेग्नेंसी या गर्भाशय परिक्षण को निम्नलिखित तरीको से टेस्ट किया जा सकता है।

  • पीरियड के कितने दिन बाद प्रेग्नेंसी टेस्ट करे।
  • प्रेग्नेंसी टेस्ट कब करे।

पीरियड के कितने दिन बाद प्रेग्नेंसी टेस्ट करे। (Period ke Kitne din baad pregnancy test kare in Hindi)

यदि किसी महिला के गर्भवस्था में वृद्धि होती है तो इसका मतलब आप के एचसीजी के हार्मोन में भी वृद्धि होगी। गर्भवती होने के पहले भी आपका शरीर मासिक धर्म  होने से पहले भी एचसीजी हार्मोन को उत्पन्न कर सकता है। इसलिए यदि आप पीरियड मिस होने के पहले ही दिन प्रेग्नेंसी टेस्ट करती है तो यह समय टेस्ट के लिए बहुत उपयोगी होता है। यदि पीरियड्स मिस होने के एक दिन पहले ही टेस्ट कर लिया है, तो यह आप के लिए सकारात्मक रिजल्ट दे सकता है। परन्तु टेस्ट सही तरीके से नहीं किया गया है तो यह परिक्षण नकारात्मक रिजल्ट भी देता है। कभी- कभी यह टेस्ट पॉजिटिव परिणाम भी दिखता है| परन्तु आप गर्भवती नहीं होती हो उस स्थिति में अचानक किसी कारणवश गर्भपात हो चूका हो।

प्रेग्नेंसी टेस्ट कब करे। (Pregnancy Test kab kare in Hindi)

प्रेग्नेंसी टेस्ट करने का सबसे अच्छा समय सुबह का होता है क्योकि गर्भवस्था में सुबह के समय पर एचसीजी हार्मोन उच्च गति पर होते है। इसलिए आप ने अभी गर्भधारण  कर लिया है तो यह आप के लिए बहुत अच्छा  समय  होता है। परन्तु इस बात का ध्यान रहे की प्रेग्नेंसी टेस्ट करवाने के पहले तरल पदार्थो का सेवन कम करना चाहिए| क्योकि यह इन सब के साथ मिलकर यह एचसीजी के हार्मोन को पतला कर देता है। जिसके कारन इसका रिजल्ट पॉजिटिव या निगिटिव हो सकता है। यदि आप प्रेग्नेंसी टेस्ट किट (pregnacy test kit) को पैकेट से बाहर निकलते हो तो इस बात का ध्यान रहे की उसके मूत्र टेस्ट करवाने वाले हिस्से को हाथ न लगाए। प्रेग्नेंसी टेस्ट आप दो तरीको से कर सकते है। पहला तरीका यह है की स्टिक को सीधा मूत्र के संपर्क में लेकर और दूसरा स्टिक को कप में डुबोकर जिसमे मूत्र हो।

प्रेग्नेंसी टेस्ट के घरेलु उपाय (Pregnancy Test at Home without Kit in Hindi)

प्रेग्नेंसी टेस्ट करना एक बहुत ही आसान तरीका है। इसे आप घर पर भी आसानीसे चेक कर सकते है। वैसे तो मार्किट में प्रेग्नेंसी टेस्ट की बहुत सारे स्टिक उपलब्ध है। वह भी आप के लिए फायदेमंद है। परन्तु यदि आप अभी उस स्टिक को खरीद नहीं आप रहे हो या वह आप के पास उपलब्ध नहीं है| और आप को प्रेग्नेंसी टेस्ट करवाने की बड़ी उत्सुकता है, तो आप इसके कुछ घरेलु उपाय का भी यूज़ कर सकते हो। आज हम आप को इससे संबधित कुछ घरेलु नुस्खे के बारे में बताते है जो निम्नलिखित है।

टूथपेस्ट से करे गर्भ की जांच (Pregnancy Test with Toothpaste in Hindi)

गर्भ जांच करने के लिए आप टूथपेस्ट का भी उपयोग कर सकते हो। सबसे पहले मूत्र को एक कप में एकत्रित कर लो फिर उसके बाद उस मूत्र में सफ़ेद पेस्ट को डाल दो और उसे मिला लो| यदि पेस्ट में से झाग या उसके कलर में कोई chang होता है तो आप गर्भवती हो, और यदि ऐसा नहीं होता है तो इसका मतलब आप गर्भवती नहीं हो। यह परिक्षण पूरी तरह से सही परिक्षण करता है| परन्तु पूर्ण विश्वसनीय नहीं है। इसके लिए आप को मेडिकल टेस्ट करवाना जरुरी है।

साबुन से करे गर्भ टेस्ट (Pregnancy Test with Soap in Hindi)

घर पर साबुन के साथ भी आप गर्भ का परीक्षण कर सकते है। सबसे पहले मूत्र के नमूने को एक पात्र  में एकत्रित कर ले उसके बाद साबुन को पानी में डालकर उसका झाग बन ले, और साबुन को अलग रख कर उस झाग को मूत्र वाले पात्र में डाल दे| यदि मूत्र में डालने के बाद पात्र में झाग के बुलबुले आते है, तो आप की गर्भवती होने की सम्भावना है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो नहीं है। परतनु इसके बाद मेडिकल परीक्षण अवश्य करवा ले। क्योकि यह सिर्फ एक नार्मल परीक्षण है। जिसे आप घर पर कर सकते हो।

चीनी से करे गर्भ की जांच (Pregnancy Test with Sugar in Hindi)

चीनी से भी गर्भ की जांच कर सकते है। मूत्र में चीनी के २-३ चम्मच मिलाकर उसके घोल को मिलाकर हिलाए यदि आप गर्भवती है तो चीनी के कण एचसीजी के साथ मिलकर गुठली में जम जायेंगे। और यदि ऐसा नहीं होता है| तो आप प्रेग्नेंट नहीं है।

विनेगर से करे प्रेग्नेंसी टेस्ट (Pregnancy Test with Vinegar in Hindi)

प्रेग्नेंसी टेस्ट करने के लिए आप विनेगर का उपयोग भी कर सकते है। एक पात्र में विनेगर ले उसमे मूत्र डाले और इनको आपस में मिला ले। मिश्रण के बाद यदि उसमे बुलबुले आते है या कुछ समय बाद उसके रंग में कोई परिवर्तन होता है। तो इसका मतलब आप गर्भवती हो।परन्तु यदि रंग में कोई परिवर्तन नहीं होता है तो आप गर्भवती नहीं हो।

बैंकिंग सोडा से करे प्रेग्नेंसी टेस्ट (Pregnancy Test with Baking Soda in Hindi)

यह माना जाता है की बैंकिंग सोडे के साथ गर्भ परिक्षण करने पर बच्चे के लिंग का भी पता चलता ही परन्तु यह केवल एक अवधारणा है। इसका कोई मेडिकल तत्थ नहीं है। इसके परिक्षण में एक पात्र में बैंकिंग सोडे के २-३ चम्मच लो उसमे मूत्र की ५-६ बुँदे डालकर उसको मिला लो, यदि सोडे में कोई परिवर्तन होता है तो इसका मतलब आप प्रेग्नेंट हो। नहीं तो नहीं हो।

प्रेग्नेंसी टेस्ट किट (Pregnancy Test Kit in Hindi)

यदि आप घर पर गर्भवस्था परिक्षण करना चाहते हो तो यह  बहुत ही आसान है। आप को प्रेग्नेंसी किट का उपयोग करके यह परीक्षण कर सकते हो। आप को सिर्फ परिक्षण पट्टी के ऊपर मूत्र की कुछ बुँदे डालना होती है और परिक्षण का रिजल्ट आप के सामने ५-१० मिनिट में आता है। इस पट्टी को गर्भवस्था परिक्षण पट्टी भी कहते है। यह आप के मूत्र में एचसीजी हार्मोन की उपस्थिति को चेक करता है। यदि आप के मूत्र में एचसीजी हार्मोन उपस्थित है इसका मतलब आप गर्भवती /प्रेग्नेंट हो, अन्यथा नहीं। इस पट्टी पर दो लाइन होती है वह आप की गर्भवस्था को निर्धारित करते है।

१) स्ट्रिप प्रेग्नेंसी टेस्ट:- यह प्रेग्नेंसी टेस्ट का मुख्य भाग है। यदि आप मूत्र की धार में इस पट्टी को पकड़ते है  और आप के मूत्र में एचसीजी हॉर्मोन उपस्थित है।तो इस पट्टी के एक भाग के कलर में परिवर्तन होने लगता है। जिसका अर्थ यह है की आप प्रेग्नेंट हो।

२) कप परिक्षण किट:- इस परीक्षण में मूत्र को एकत्रित करने क लिए एक कप होता है। इस कप में मूत्र को एकत्रित करे और उसमे परिक्षण पट्टी को डाले। यदि आप के मूत्र में एचसीजी हार्मोन होंगे टी इसके कलर में परिवर्तन होगा। जिसका मतलब आप गर्भवती हो।

प्रेग्नेंसी टेस्ट किट कैसे इस्तेमाल करे (How to Use Pregnancy Test in Hindi)

  • प्रेग्नेंसी टेस्ट किट का उपयोग करने से पहले उनके नियमो का पालन करना चाहिए। मूत्र को एकत्रित करने के पहले मिडस्ट्रीम नमूने का उपयोग करे। इसका मतलब नमूने के दौरान पहले थोड़ा मूत्र निकल दो बाद वाला मूत्र के साथ टेस्ट कर सकते है।
  • यदि आप मूत्र सीधा स्ट्रिप पर कर रही हो तो ऐसा करने से पहले यह सुनिच्छित करे की यह कितने समय तक करना है। क्योकि प्रत्येक स्ट्रिप पर कुछ निर्देश दिए जाते है। इसका यूज़ सिर्फ 5 सेकण्ड तक करे। पर यह भी ध्यान रहे की मूत्र अवशोषण करने वाला छोर मूत्र की और हो।
  • मूत्र की बुँदे सही जगह पर ही डाले कुछ ब्रांड के कीटस में किट का मूत्र अवशोषण वाला भाग मूत्र में डूबना होता है। इन सब प्रोसेस में ५-१० सेकण्ड रुके या किट पर दिए गए समय तक रुके।
  • इसके बाद स्टिक को साफ जगह पर रखकर ५-१० मिनिट तक रिजल्ट का इंतजार करे। क्योकि कोई कोई किट १० मिनिट का भी टाइम लेती है।
  • निर्धारित समय के पच्छात परिक्षण की जांच करवा ले। यदि आप को समाज नहीं आ रहा है तो किट पर दिए गए निर्देश को पढ़े क्योकि यह स्टिप के अनुसार अलग -अलग रिजल्ट देता है। जैसे प्लस , माइनस, या रंग में परिवर्तन भी होता है। या किसी-किसी पर लिखा हुआ होता है। प्रेग्नेंट हो या नॉन प्रेग्नेंट हो।

 

 

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