कालमेघ क्या है? जानिए इसके फायदे, उपयोग और नुकसान | Kalmegh Benefits, Uses and Side Effect in Hindi

kalmegh in hindi

कालमेघ (kalmegh in hindi) एक आयर्वेदिक औषधि पेड़ होता है, जिसका उपयोग हमारे स्वास्थ को ठीक करने के लिए किया जाता है। इसका स्वाद बहुत कड़वा होता है। इसे बिटर के राजा के नाम से भी जाना जाता है। कालमेघ का उपयोग भारतीय संस्कृति के अनुसार बहुत अधिक समय से किया जा रहा है। इसका उपयोग मुख्यतः बुखार, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, पेट से संबधित बीमारिया, सूजन को कम करने, एंटीऑक्सीडेंट संरक्षण प्रदान करने में, अपचन की समस्या, अस्थमा, स्ट्रोक,  गठिया, मलेरिया और अन्य प्रकार की समस्याओं के इलाज में इसका उपयोग किया जाता है। आज हम आप को इस आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे की कालमेघ पौधे का उपयोग कैसे करते है, और इसका सेवन करने से क्या -क्या फायदे होते है।

कालमेघ पौधा क्या है? (Kalmegh Plant in Hindi)

कालमेघ एक आयुर्वेदिक औषधि पेड़ (kalmegh homeopathic medicine in hindi) होता है, जो लगभग १-२ मीटर लंबा और झाड़ीनुमा होता है। यह भारत में नवम्बर और दिसंबर में दिखाई देते है। यह बहुत ही नाजुक होता है, एवं इसके फूल हलके पीले और भूरे कलर के होते है। इसके बीज आकार में बहुत छोटे होते है। यह एकंथेकसेस परिवार से संभदित होता है। कालमेघ पौधे को क्षेत्र के आधार परअलग-अलग नाम से भी जाना जाता है, जैसे:-चिरेट विरेट, भुनिम्बा, कर्मान्तीना आदि नाम से जाना जाता है। इन पौधे की दक्षिणी और दक्षिणीपूर्वी क्षेत्र में खेती की जाती है, जहापर इसका उपयोग संक्रमण रोग और बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। अधिकतर मामलों में इस पेड़ की पत्तियों और जड़ो का उपयोग (kalmegh uses in hindi) औषधि के रूप में किया जाता है। लेकिन कभी -कभी पौधे के अन्य भागो का भी उपयोग किया जाता है।

कालमेघ के फायदे और उपयोग (Kalmegh Benefits and Uses in Hindi)

कालमेघ पौधे का उपयोग निम्नलिखित बीमारियों के इलाज में किया जाता है।

कालमेघ के फायदे बुखार कम करने में (kalmegh Ke Fayde Bukhar Me in Hindi)

कालमेघ पौधे का उपयोग बुखार और गले की स्थितियों को ठीक करने के लिए किया जाता है। यह टॉन्सिल से प्रभावित पीड़ितों के लिए भी लाभदायक होता है। भारत में अनेक प्रकार की जड़ीबूटियों का उपयोग किया जाता है। धनिया की पत्तियों के साथ कालमेघ की पत्तियों को मिश्रित करके इसको उबालकर पिने से बुखार को कम किया जाता है।

मधुमेह में कालमेघ के फायदे (Madhumeh Me Kalmegh ke Fayde in Hindi)

कालमेघ चूर्ण का उपयोग मधुमेह की बीमारियों को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है। थॉमस जेफरसन विश्वविद्यालय द्वारा यह शोध किया गया है, की मधुमेह को कन्ट्रोल करने के लिए कालमेघ सबसे महत्वपूर्ण जड़ीबूटी है। इस औषधि का उपयोग मधुमेह द्वारा बढ़ने वाले वजन को कम करने में किया जाता है। यह आप के शरीर में ग्लूकोज के स्तर को कम करता है, और मधुमेह को भी कंट्रोल करने का काम करता है।

दिल के इलाज में कालमेघ के फायदे (Kalmegh ke Fayde For Heart in Hindi)

कालमेघ का उपयोग दिल की बीमारियों के इलाज के लिए भी किया जाता है। कार्डियोवेस्कुलर पूरी दुनिया में पुरुषो और महिलाओं में होती है और उनके मौत का कारन भी बनती है। भारत और चीन में इस दवा का उपयोग कार्डियक स्वास्थ में सुधार करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा यह धमनियों में वसा की जमावट,रक्त वाहिकाओं में कठोरता और लिपिड थक्के के विकास को भी बढाती है। इस दवाई का सेवन करने से दिल के दौरे को रोका जा सकता है, क्योकि इस पौधे में उपस्थित एंटी -क्लोटिंग गुण रक्त के प्रवाह को संतुलित करता है। जिससे दिल के दौरे का सामना करने वाले व्यक्तियों में इसकी संभावना कम होती है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कालमेघ का उपयोग (Kalmegh Benefits For Immunity in Hindi)

भारतीय विशेषज्ञों के द्वारा पता लगाया गया है, की कालमेघ में  एंड्रोग्राफिस, पेनिकुलटाटा  में तीन डाइटरपिन यौगिकों को देखा गया है, उनके अध्ययन में मानव रक्त लिम्फोसाइट्स के प्रसार को देखा इसने एंटीबॉडी की महत्वपूर्ण उत्तेजना को प्रेरित किया जाता है। एंटीबॉडी हमारे शरीर को रोगो से बचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कैंसर में कालमेघ का उपयोग (Kalmegh Benefits For  Cancer in Hindi)

कालमेघ  जड़ीबूटियों के अर्क का सेवन करने से कैंसर की बीमारियों को ठीक किया जाता है। भारतीय शोधकर्ताओं ने विभिन्न प्रकार के मानव कैंसर कोशिकाओं पर एंड्रोग्राफाइड की कैंसर विरोधी गतिविधियों को देखा गया है।

अनिंद्रा दूर करने में कालमेघ के फायदे (Kalmegh Benefits For Insomnia in Hindi)

कालमेघ के रस का सेवन करने से व्यवहार में परिवर्तन आता है, जिससे अनिंद्रा की समस्याओं को दूर किया जाता है। कालमेघ का एक्स्ट्रेक्ट से प्रेरित पेंटोबार्बिटन ने नींद के समय की लम्बाई को बढ़ाया है। कालमेघ जड़ीबूटी विभिन्न प्रकार की बीमारियों में भी फायदेमंद होती है।

कालमेघ के नुकसान (Kalmegh Side Effect in Hindi)

वैसे तो कालमेघ की औषधि से कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होते है, परन्तु आप सभी जानते है की किसी भी वस्तु का अधिक मात्रा में सेवन करने से नुकसान होता है। इसलिए इसका सेवन करने से पहले किसी जानकर व्यक्ति से जानकारी अवश्य ले। कालमेघ की जड़ीबूटियों से निम्नलिखित नुकसान भी हो सकते है।

  • सिरदर्द और थकान होना।
  • मचलाहट और उलटी होना।
  • दस्त लगना
  • एलर्जी की प्रतिक्रिया
  • दस्त लगना
  • भूख और स्वाद का नुकसान

गर्भवस्था के दौरान इसकी ना खाने की सलाह दी जाती है।

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