कलौंजी (kalonji)क्या है? जानिए इसके फायदे और नुकसान | kalonji Benefits and Side Effects in Hindi

kalonji ke fayde and nuksan

कलौंजी (kalonji in hindi) एक वार्षिक फूल होता है, जिसके बीज का उपयोग औषधि और मसाले बनाने के लिए किया जाता है। कलौंजी को अंग्रेजी में नाइजेला सतीवा भी कहा जाता है। कलौंजी का तेल और शहद बेहद ही मशहूर है। कलौंजी के अंदर कई ऐसे गुण पाए गए हैं, कि लोग इसके अब कई बीमारियों के उपचार में भी इस्तेमाल करते हैं। कलौंजी में कैल्शियम, पोटैसियम, विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन बी2, आयरन, जिंक इत्यादि खनिज भरपुर मात्रा में मिलते हैं। आइए अब हम कलौंजी के फायदे और नुकसान के बारे में जानते हैं:

कलौंजी के फायदे: (Kalonji Benefits in Hindi)

  • कोलेस्ट्रॉल की मात्रा: अगर हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा ही जाए तो दिल की बीमारियां बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है। कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर में फैट की मात्रा का बढ़ाता है और कोलेस्ट्रॉल ही मोटापे का मुख्य कारण होता है। एक शोध में पाया गया है कि कलौंजी तेल के उपयोग से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करता है। 
  • कैंसर के खिलाफ औषधि: कलौंजी के अंदर की ऐसे एंटीऑक्सिडेंट पाए गए हैं जिससे कि कैंसर को बढ़ावा देने वाले जीवाणुओं के विकास को रोकता है। कलौंजी के अंदर पाया जाने वाला थाइमोक्विनोन से यह पाया गया है कि यह रक्त कैंसर में यह कोशिकाओं (cells) के अंदर जाकर रक्त कैंसर वाली कोशिकाओं को खत्म कर देता है। कलौंजी का एक कैंसर विरोधी उपचार के बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है क्योंकि इस पर अभी शोध बाकी है।जीवाणुरोधी(एंटीबैक्टीरिया) के गुण: कलौंजी में जीवाणुरोधी (एंटीबैक्टीरिया) गुण भरपुर मात्रा में पाए जाते हैं। कलौंजी जीवाणुओं (बैक्टीरिया) के खिलाफ एक एंटीबायटिक का काम करता है क्योंकि यह बैक्टीरिया के विकास में रुकावट डाल देते हैं। अभी तक मानव शरीर शोध बाकी है और कलौंजी का बैक्टीरिया के लिए मानव शरीर के बारे में अभी कुछ खा नहीं जा सकता है।
  • लिवर की सुरक्षा: लिवर हमारे शरीर का सबसे अहम हिस्सा होता है और हमारे आधे से ज्यादा शरीर के कार्यों में मदद करता है। लिवर में अगर कुछ नुकसान हो जाए तो इसकी भरपाई करना काफी मुश्किल होती है और इसमें काफी ज्यादा समय भी लगता है। ऐसे के लिवर का ध्यान रखने की आवश्यकता और ज्यादा हो जाती है।

         चूहों पर किए गए एक शोध में पाया गया था कि अगर उनके शरीर में कुछ मात्रा में हानिकारक रसायन दाल दें तो उनका लिवर को काफी हद तक नुकसान होता है और अगर उनके शरीर में कलौंजी के तत्व मौजूद हों तो जहरीले पदार्थ का नुकसान कम होता है। परन्तु अभी मानव शरीर पर कलौंजी का लिवर पर प्रभाव नहीं जांचा गया है और इसके बारे में अभी और शोध करने बाकी हैं।

  • बालों को मजबूती: कलौंजी में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कि एंटीऑक्सिडेंट होते हैं और बालों को मजबूती देते हैं। नहाने से पहले सिर पर हफ्ते में दो बार कलौंजी का तेल लगाकर उन्हें आधे घंटे लगाकर सूखने दें और उसके बाद सिर को धो लें, इससे बालों को मजबूती मिलेगी और बाल टूटने भी कम होंगे।
  • मुहांसे को ठीक करना: कलौंजी मुहांसे को बहुत ही जल्दी ठीक कर सकते हैं। पिसे हुए कलौंजी को सिरके में मिलाकर उसे रात को सोने से पहले चेहरे पर लगा लें और उसके बाद सुबह उठकर धो लें। ऐसा एक हफ्ते में आपके मुहांसे बिल्कुल ठीक हो जाएंगे।
  • नेत्र रोगों में सहकारी: कलौंजी के तेल को गाजर के रस और शहद में मिलाकर एक रसायन बना लें और इसका दिन में तीन बार सेवन करें। इससे आंखों में पानी आना, मोतियाबिंद, आंखें लाल होना इत्यादि आंखों की बीमारियों को ठीक होने में मदद मिलेगी।
  •  कलौंजी तेल से सिरदर्द में आराम: अगर आपको सिरदर्द हो रहा है और वैदिक नुस्खा अपनाना ही तो कलौंजी का तेल सबसे ज्यादा फायदेमंद है। कलौंजी के तेल को सिर पर लगाकर आराम से सो जाएं। इससे सिर दर्द बहुत ही जल्दी ठीक होता है।
  • कलौंजी बीज से स्मरण शक्ति में बढ़ावा: अगर आप पढ़ाई में कमजोर हैं, आपको याद किया हुआ ज्यादा समय तक याद नहीं रहता है तो ऐसे में कलौंजी का बीज आपकी मदद कर सकता है। कलौंजी का बीज आपकी एकाग्रता को मजबूत करता है जिससे कि आप उस समय काफी सतर्क रहते हैं और चीजों को लंबे समय तक याद रख पाते हैं।
  • दातों के लिए कलौंजी का तेल: कलौंजी का एक और फायदा है कि अगर आपके दातों में सूजन रहती है या फिर दातों से खून निकलता है, तो आप एक बार कलौंजी का तेल अपने मसूड़ों पर लगाएं और कुछ समय बाद आपको आराम मिलेगा।
  • वजन घटाने में कलौंजी: कलौंजी के सेवन से कोलेस्ट्रॉल कि मात्रा काम हो जाती है और कोलेस्ट्रॉल ही वजन को बढ़ाता है। ऐसे में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अगर शरीर में कम होगी तो वजन आसानी से कम हो जाएगा।

कलौंजी के नुकसान: (Kalonji Side Effect in Hindi)

कलौंजी के नुकसान निम्नलिखित होते है।

  •  अगर शरीर में कलौंजी की मात्रा ज्यादा हो जाए तो इससे हमारा स्वास्थय खराब हो सकता है। शरीर में इसकी अधिक मात्रा से रक्तचाप कम हो सकता है।
  • कलौंजी का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि कलौंजी के सेवन से खून के रिसाव का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर कोई ऑपरेशन करवाना चाहता है तो कलौंजी उसके लिए एक विश के बराबर है। इसलिए ऑपरेशन करने वाले व्यक्ति को कलौंजी का सेवन करने की सख्त मनाई होती है।
  • जैसा बताया गया था कि कलौंजी से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम कर देता है परन्तु ऐसे में अगर कलौंजी का अधिक सेवन किया जाए तो कोलेस्ट्रॉल की मात्रा जरूरी मात्रा से कम हो सकती है, इसलिए कलौंजी का सेवन करने वाले व्यक्ति को अपने कोलेस्ट्रॉल की मात्रा की नियमित रूप से जांच करानी चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं के लिए कलौंजी का सेवन करना बहुत ही हानिकारक होता है। अगर कलौंजी की मात्रा उनके शरीर में हो जाए तो यह भ्रूण के लिए काफी ज्यादा हानिकारक होता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं की इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • कलौंजी का सेवन उन व्यक्तियों के लिए सख्त मना होता है जिनका खून पतला होता है और रक्तचाप पहले से ही कम होता है क्योंकि कलौंजी रक्तचाप गति को कम कर देती है। इसलिए कलौंजी का सेवन कम रक्तचाप वाले व्यक्तियों को नहीं करना चाहिए।
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