गर्भावस्था में खून की कमी होने के कारण, लक्षण और इलाज | Lack of Blood in Pregnancy, Symptoms and Causes in Hindi

Lack of Blood in Pregnancy in hindi

गर्भावस्था (lack of Blood in Pregnancy in Hindi) एक ऐसा समय है, जिसमे महिलाओं को कई शारीरिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है| इसमें पेट दर्द, सिर दर्द, पेल्विक दर्द, घुटनों में दर्द, मार्निंग सिकनेस, कमजोरी आदि कई समस्याएं है| जिनका गर्भावस्था  के दौरान गर्भवती महिला को साना करना पड़ता है, ऐसा ही एक रोग है एनीमिया, गर्भवती महिलाओं को एनीमिया यानी खून की कमी होने की संभावाना अधिक होती है|

एक रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है की भारत में 10 में से 5 गर्भवती महिलाओं को खून की कमी की समस्या रहती है| प्रेगनेंसी के समय शरीर खुद बच्चे के विकास के लिए ज्यादा खून बनाता है, लेकिन उसे पर्याप्त मात्रा में आयरन और पोषक तत्व ना मिले तो शरीर खून बढाने वाली लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन नहीं कर पाता है|

एनीमिया की वजह से गर्भवती महिलाओं को थकान और कमजोरी का सामना करना पड़ता है, अगर समय रहते सही से इलाज नहीं किया गया तो बच्चे में जटिलताएं आ सकती है और बच्चा कमजोर पैदा हो सकता है| आईये जानते है गर्भावस्था में खून की कमी होने के कारण, लक्षण और इलाज के बारे में|

गर्भावस्था में खून की कमी होने के लक्षण (Signs of lack of Blood in Pregnancy in Hindi)

  • होंठ, त्वचा और नाखूनों पर पीलापन आना|
  • अधिक थकान होना|
  • कमजोरी होना|
  • चक्कर आना और ज्यादा देर तक खड़े भी ना रह पाना|
  • सांस लेने में तकलीफ होना|
  • धडकन का तेज होना|
  • भूख कम लगना|
  • लीवर का बराबर काम ना करना|
  • हाथ-पैर सुन्न होना|
  • अनियमित और दर्दनाक रक्तस्राव|
  • अधिक सिर दर्द होना|
  • तनाव और माइग्रेन की समस्या होना|
  • चिढ़चिढापन और एकाग्रता में कमी|
  • आँखे अंदर धंस जाना|
  • हाथ-पैर ठंडे पड़ना|

गर्भावस्था में खून की कमी (एनीमिया) के प्रकार (Type of Blood loss (anemia) in Pregnancy in Hindi)

  1. आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया

इस प्रकार का एनीमिया तब होता है जब शरीर में जरुरी मात्रा में हीमोग्लोबीन बनाने के लिए आयरन नहीं होता है| हीमोग्लोबीन एक तरह का प्रोटीन होता है जो लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद रहता है, यह लाल रक्त कोशिकाएं फेफड़ों से शरीर के अन्य भागों तक ओक्सिजन पहुंचाने का काम करती है.

जब आयरन की कमी से एनीमिया होता है तो खून पुरे शरीर में पर्याप्त ओक्सिजन नहीं पहुंचा पाता है, गर्भावस्था में एनीमिया का सबसे बड़ा और प्रमुख कारण आयरन की कमी ही है|

  1. फोलेट की कमी से होने वाला एनीमिया

फोलेट एक तरह का एसिड होता है जो हरी सब्जियों और कुछ जरुरी पोषक तत्वों में पाया जाता है, शरीर को लाल रक्त कोशिकाओं समेत नई कोशिकाओं के उत्पादन में फोलेट की जरूरत होती है, जब गर्भवती महिलाएं पोषक तत्वों का सेवन कम करती है तो शरीर में फोलेट की कमी हो जाती है जिसकी वजह से भी एनीमिया हो सकता है|

  1. विटामीन B12 की कमी से होने वाला एनीमिया

शरीर को स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए विटामीन B12 की जरूरत रहती है. अगर गर्भवती महिला पर्याप्त मात्रा में विटामीन B12 युक्त आहार ना ले तो इसकी कमी की वजह से भी एनीमिया हो सकता है|

गर्भावस्था में खून की कमी (एनीमिया) होने के कारण  (Due to Lack of Blood in Pregnancy in Hindi)

  • भोजन में आयरन की कमी होना|
  • शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व ना मिल पाना|
  • पौष्टिक भोजन ना करना|
  • गर्भावस्था खुद इसका सबसे बड़ा कारण है क्योंकि इस दौरान बच्चे के विकास के लिए ज्यादा खून की जरूरत पड़ती है और ऐसे में डॉक्टर आयरन के अनुपूरक की सलाह देते है|
  • जिन महिलाओं को गर्भावस्था से पहले भी खून की कमी थी तो उनके लिए यह तकलीफ गर्भावस्था में और ज्यादा बढ़ सकती है|
  • कम उम्र में गर्भवती होने पर|
  • एक से अधिक बच्चों को जन्म देने वाली हो|
  • जल्दी-जल्दी दो बार गर्भधारण किया हो|

गर्भावस्था में एनीमिया (खून की कमी) होने के जोखिम (Risk of anemia (a loss of blood) in pregnancy in Hindi)

  • समय से पहले बच्चे का जन्म|
  • कम वजन वाले बच्चे का जन्म|
  • बच्चे में जटिलताएं आना|
  • खून चढ़ाना अगर प्रसव के दौरान रक्त अधिक मात्रा में निकले तो|
  • बच्चे को एनीमिया होन|
  • बच्चे के विकास में कमी या देरी से विकास होना|
  • प्रसव के बाद डिप्रेशन में रहना|
  • बच्चे में रीढ़ की हड्डी का कमजोर होना|

गर्भावस्था में एनीमिया का इलाज (Treatment of Anemia in Pregnancy in Hindi)

  • भोजन में आयरन और फोलिक एसिड युक्त खाद्ध पदार्थ शामिल करें|
  • विटामीन B12 की कमी होने पर डॉक्टर विटामीन B12 के पूरक लेने से की सलाह देते है|
  • अंडे, मांस और दूध से बने उत्पादों की सेवन करें|  
  • पत्तेदार हरी सब्जियों का सेवन करें. सोयाबीन, पालक जैसी चीजों का सेवन करें|
  • नट्स और बीज का सेवन करें|
  • फलों का जूस पीयें|
  • विटामीन C युक्त चीजों का सेवन करें जैसे खट्टे फल, जूस, संतरा, टमाटर आदि|
  • विटामीन A युक्त चीजों का सेवन करें जैसे शकरकंद, गाजर, मछली आदि|
  • ताम्बे के बर्तन में रखा पानी पीने से एनीमिया की समस्या से निजात पाई जा सकती है. ताम्बा पानी में लौह तत्वों को अवशोषित करता है|जिससे शरीर को लौह तत्व मिलते है जो खून की कमी को दूर करने के लिए बेहद जरुरी है|
  • व्यायाम और योग करें|
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