मलेरिया क्या है , मलेरिया के प्रकार और लक्षण | Malaria in Hindi, Types of Malaria and Symptoms in Hindi

malaria in hindi

मलेरिया (malaria in hindi) एक ऐसा संक्रामक रोग है जो प्रोटोजोवा परजीवी द्वारा फैलता है। मलेरिया अधिकतर अमेरिका, अफ्रीका,और एशिया के उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रो में फैला हुआ है। हर साल इस रोग के कारन करोडो लोगो की मृत्यु होती है। मलेरिया के कीटाणु बहुत छोटे होते है, जिसे हम देख भी नहीं सकते है| यह ज्यादातर गंदगी वाले एरिया में होता है। यह मादा एनोफिलीज नामक मच्छर  के काटने से  होता है। मलेरिया के मच्छर ज्यादातर रात  में ही काटते है। मलेरिया (malaria in hindi) के मच्छर के काटने से ठण्ड के साथ-साथ  बुखार, कपकपी , सिर दर्द, पसीना आना, शरीर में दर्द होना  होता है। विश्व स्वस्थ संघठन के अनुसार दक्षिण पूर्व एशिया में कुल मलेरिया के मामलो में से मलेरिया का  ७५% भारत में है। यह भारत में गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान ,गोवा, ओडिसा, छत्तीसगढ़,कर्णाटक, झारखण्ड, और पूर्वोत्तर राज्यों में पाया जाता है। २५ अप्रेल को यूनिसेफ द्वारा मलेरिया दिवस मनाया जाता है| ताकि लोगो का इस बीमारी पर ध्यान केंद्रित हो सके। मलेरिया सबसे प्रचलित होने वाला संक्रमित रोग है। यह एक भयंकर स्वास्थ समस्या है।

मलेरिया के प्रकार (Types of Malariya in Hindi)

मानव शरीर में मलेरिया विभिन्न प्रकार से होता है

१) प्लासमोडियम फेल्सीपेरम (P. Falciparum):- इस परजीवी के कारण बहुत ही खतरनाक बुखार आता है जिससे मनुष्य की मृत्यु भी हो सकती है । इसमें मरीज को पता भी नहीं चलता है की क्या हो रहा है । इसमें सिर दर्द, उलटी जैसी समस्याएं भी होती है।

२) प्लास्मोडियम ओवेल (P. Ovale):- यह बिनाइल टर्शियन मलेरिया उत्पन्न करता है ।

३) प्लास्मोडियम विवैक्स (P. Vivax):- विवैक्स दिन के समय में आता है। यह भी बिनाइल टर्शियन मलेरिया उत्त्पन्न करता है जिसका असर ४८ घंटो के बाद दिखाई देता है। इसके लक्षण कमर दर्द, ठण्ड लगना, सिर दर्द करना आदि होते है।

४) प्लास्मोडियम नोलेसी ( P. knowlesi):- यह दक्षिणपूर्वी एशिया में पाए जाने वाला परजीवी है इसमें भी ठण्ड लगना, पसीना आना आदि होते है।

५) प्लास्मोडियम मलेरिया (P. malariae):- यह कार्टून मलेरिया उत्पन्न करता है जिससे मरीज को तीन से चार दिन बाद बुखार आता है।

जब किसी व्यक्ति को ये रोग होता है, तो उसके उऋण में प्रोटीन की कमी होती है। जिससे उसके शरीर में भी प्रोटीन की कमी आती है। इसमें भी शरीर में थकान आना, सिर दर्द, कमर दर्द ऐसे लक्षण होते है।

मलेरिया के लक्षण (Malaria ke Lakshan, Malaria symptoms in Hindi)

मलेरिया के मच्छर के काटने के ३-४ दिनों बाद इसके लक्षण (malaria ke lakshan) दिखने शुरू हो जाते है| कभी-कभी इसके लक्षण २-३ महीनो में भी दिखाई देते है।

  • मलेरिया के मच्छर के काटने से बुखार आता है।
  • शरीर ठंडा होना या कपकपी याना।
  •  मलेरिया बुखार कभी कभी एक दिन छोड़कर बुखार आना।
  •  पसीना आना।
  •  मचलाहट होना या भूख न लगना।
  • शरीर में दर्द होना, सिर दर्द करना।
  • उलटी आना ।
  • मासपेशिया दर्द करना या थकान होना।
  • दस्त लगना।
  • मूत्र में हीमोग्लोबिन कम होना।

उपरोक्त किसी भी मलेरिया के लक्षण (malaria ke lakshan)  पाए जाने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लेना चाहिए|

मलेरिया कैसे फैलता है (How Does Spread Malariya in Hindi)

मलेरिया एक परजीवी रोगाणु से होता है। जिसे फ्लास्मोडियम (Plasmodium)  कहा जाता है। ये रोगाणु एनोफिलीज  मादा नामक मच्छर में होते है जिसके काटने से उसका लावा मनुष्य के कोशिकाओं में प्रवेश करते है। यह धीरे -धीरे कोशिकाओं से होते हुए कलेजे तक पहुंचते है| वहा पर इनकी संख्या बढ़ती है। जब कलेजे की कोशिकाएं फटती है तो यह लाल रक्त कोशिकाओं में प्रवेश करती है और जब लाल रक्त कोशिकाए फटती है तो इन रोगाणु के कण सारे खून में फेल जाते है। जिससे मलेरिया के लक्षण दिखाई देते है।

मलेरिया से बचाव (Prevention of Malariya in Hindi)

  • मच्छर को पनपने न दे और घर साफ रखे।
  • शरीर पर सरसो का तेल लगाए जिससे मच्छर नहीं  काटते|
  • घर की खिड़कियों पर जाली लगाए ताकि मच्छर अंदर न आये ।
  • सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करे|
  • घर के अंदर मच्छर मरने वाली दवाई का छिड़काव करे।
  • बहार जाने से पहले मस्किटो क्रीम का उपयोग करे।
  • नीम की पत्तियों को जलाकर या निम् का तेल लगाकर भी मच्छरों को भगाया भी जा सकता है।
  • घर के आस-पास पानी को इकट्ठा न होने दे।
  • ऐसे कपडे पहने जो आपके शरीर को ढक दे।
  • लार्वा वाली जगह पर टेलिफस या मेलाथियान दाल कर लार्वा को नष्ट किया जा सकता है।

 

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