मासिक धर्म क्या है? | Menstrual Cycle in Hindi

Menstrual cycle in hindi

मासिक धर्म (menstrual cycle in hindi) जिसे हम साधारण भाषा में पीरियड या माहवारी भी कहते है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया होती है। जो हर किसी महिलाओं को होती है। क्योकि भगवान के द्वारा पुरुषो और महिलाओं में कई विषमताए बनाई गई है। इन सब विषमताए में से एक है, मासिक धर्म (menstruation meaning in hindi) जो स्त्रियों में पाया जाता है। यह एक ऐसी समस्या होती है। जिसे किसी के सामने बताने में भी शर्म आती है। बहुत सी लड़किया जिन्हे यह प्रॉब्लम होती है वह किसी को नहीं बताती और उन्हें डर सा लगता है। परन्तु हमारे समाज में कई लोगो को मासिक धर्म के बारे में जानने की बहुत उत्सुकता होती है। जैसे की लड़कियों में पीरियड्स कब आते है। और इसकी शुरुवात कितनी उम्र  में होती है। Menstruation cycle महिलाओं में होने वाली एक शारीरिक समस्या होती है। इन परिस्थितियों में महिलाए खुद अपने शारीरिक गतिविधियों को समझ नहीं पाती है। क्योकि ऐसा कहा जाता है की जब कोई लड़की पैदा होती है तो जन्म से पहले ही उसके पेट के अंदर अंडाशय में बहुत से अपरिपक़्व अंडाणु होते है। और जैसे- जैसे वह जवान होती जाती है| वैसे -वैसे इन अंडाणुओं में हार्मोन विकसित होने लगते है। इन हार्मोन के विकसित होने के कारन महिलाओं के शरीर में एक चक्रीय या साइक्लिकल हार्मोन्स में बदलाव के कारण उनके गर्भाशय से खून और अंदरूनी हिस्से से स्त्राव होने लगता है। इसी प्रक्रिया को माहवारी या मासिक धर्म कहते है। प्रत्येक चक्र के दौरान अंडाशय में केवल एक ही अंडा परिपक़्व हो पाता है,और जिसे गर्भाशय में छोड़ा जाता है। जिसे अन्डोस्तर्ग प्रोसेस कहा जाता है। उसी दौरान गर्भवस्था का भीतरी हिस्सा मोटा होना शुरू हो जाता है। यदि यह अंडा निषेचित नहीं हो पाता है तो यह गर्भाशय से खून के रूप में बाहर निकलता है। जिसे माहवारी, पीरियड्स  या मासिक धर्म (menstruation meaning in hindi) कहा जाता है।

Menstruation cycle in Hindi

मेंस्ट्रुएशन साइकिल (Menstruation cycle in Hindi) का मतलब मासिक धर्म होता है। यह आमतौर पर लड़कियों और महिलाओं में पाया जाता है। मासिक धर्म आने की भी एक उम्र और समय होता है। यह लड़कियों में १२-१३ साल की उम्र में आना शुरू हो जाता है। यह महिलाओं की एक प्राकृतिक राजोन्नति होती है। महिलाओं में मासिक धर्म ४५-५५ वर्ष की आयु में आना बंद हो जाता है। उस स्थिति में महिलाए गर्भधारण नहीं कर सकती है।  और वह बच्चे पैदा  नहीं कर सकती। एक जानकारी से पाता चला है की महिलाओं में माहवारी प्रत्येक महीने में नहीं आती है। और जिन महिलाओं को या लड़कियों को मासिक धर्म आने वाली है, या उसकी सिमा तक पहुंचने वाली है। उन्हें किसी जानकर से जानकारी लेना चाहिए। मासिक धर्म का चक्र महिला के स्थिति के अनुसार होता है। माहवारी या मासिक धर्म चक्र की समय अवधि २१-३५ दिन के भीतर होती है। इस चक्र के अवधि का तात्पर्य यह होता है की, माहवारी आने के पहले दिन से लेकर अगली मासिक धर्म के पहले दिन तक की अवधि होती है।

माहवारी/मासिक धर्म का दर्द क्या होता है।

माहवारी का दर्द वैसे तो माहवारी के शुरुआत होने के कुछ समय पहले होता है। माहवारी के दौरान होता है। इस माहवारी में पेट दर्द, बुखार,उलटी या पतला मलत्याग आदि समस्याए होती है। ज्यादातर भारी रक्त स्त्राव की समस्याए होती है।

मासिक धर्म में अनियमितता (Menstrual Cycle Irregular Reason in Hindi)

मासिक धर्म (menstruation meaning in hindi) या माहवारी किसी कारणवश इनमे अनियमितता भी आती है।

  • यदि आप को थाइराइड, पोलिसिटिक ओवरी सिंड्रोम, हार्मोन विकार से संबधित बीमारी हो तो उस समय भी मासिक चक्र में अनियमितता आती है।
  • गर्भाशय के अंदरूनी हिस्से विकार, सर्विक्स, योनि का कैंसर,अथवा योनि के संक्रमण आदि की वजह से मासिक धर्म के दौरान योनि से रक्त का स्त्राव होता है। जिसके कारन माहवारी में अनियमितता आने का डर लगा हुआ रहता है।
  • तनाव का होना।
  • वजन सामान्य से कम या अधिक होना।
  • अधिक कसरत करना।
  • मादक पदार्थो का सेवन करना।
  • कुछ दवाइए जैसे गर्भनिरोधक गोलिया या इंजेक्शन लेना।
  • स्तनपान करवाने से।

मासिक धर्म (माहवारी,पीरियड ) के लक्षण (Menstruation Cycle Symptoms in Hindi)

मासिक धर्म के कुछ लक्षण निम्नलिखित है। यदि आप को भी निचे बताए गए लक्षणों में से कोई है तो अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करे।

  • आप का मासिक धर्म अचानक अनियमित हो गई हो।
  • यदि आप की आयु १६ वर्ष हो गई हो परन्तु आप को माहवारी आने की शुरवात नहीं हुई हो।
  • सम्भोग के बाद योनि से खून निकलना|
  • दो मासिक धर्म के बिच में ही योनि से खून का रक्तस्त्राव होना।
  • यदि आप को माहवारी आना बंद हुआ हो लेकिन उसके एक साल बाद योनि से रक्त स्त्राव होना।
  • ४०-५० वर्षो के आयु में माहवारी के दौरान योनि में दर्द होना।
  • महीने में एक से अधिक बार माहवारी आना।
  • आप की आयु ४५ वर्ष से कम है और आप को एक साल से माहवारी नहीं आई हो।

माहवारी के समय सेक्स नहीं करना चाहिए।

यह बात सही है की बहुत से लोग माहवारी या मासिक धर्म के दौरान अपने लाइफ पाटर्नर के साथ सेक्स करना पसंद नहीं करते है। परन्तु ऐसा कहा जाता है की यदि आप महावारी के समय सेक्स को सुरक्षित ढंग से करने से आप के ऐंठ/ मरोड़ में आराम मिलता है। एक शोध में पाता लगाया गया है की माहवारी के समय सेक्स करने से योनि में होने वाले दर्द में कमी आती है।

माहवारी के समय आप गर्भ धारण नहीं कर सकते।

जिन महिलाओं का मासिक धर्म चक्र २८ दिनों से कम होता है वह माहवारी के दौरान भी गर्भधारण कर सकती है। क्योकि उनमे गर्भ धारण करने की संभावना कम होती है।

कॉटन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

कई लोगो का ऐसा मानना है, की यदि कोई कवारी लड़की कॉटन का इस्तेमाल करती है तो उसके वर्जिनिटी  नष्ट हो जाती है।  लेकिन उसे वर्जिन माना जाता है। तो ऐसे में कॉटन का इस्तेमाल और वर्जिनिटी खोने में कोई सबंन्ध नहीं है।

 

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