मुलेठी क्या है? इसके फायदे,उपयोग और नुकसान | Mulethi Benefits, Uses and Side Effect in Hindi

Mulethi in Hindi

Mulethi in Hindi जिसे लिकोरिस भी कहा जाता है, यह एक जड़ीबूटी है। यह भारत में चबाने वाला गम, टूथपेस्ट, मिठाई, शीतल पेय और बियर जैसे पदार्थो में उपयोग में लिया जाता है। वैसे तो मुलेठी के बहुत सारे फायदे (mulethi ke fayde) है, जो आज हम आपको बताएगे।औषधीय प्रयोजनों के लिए, जड़ी बूटी की सूखे जड़ का उपयोग करते है। दुनिया भर में यह औषधीय बहुत सारे लाभों के लिए जानी जाने वाली जड़ी बूटी है। मुलेठी के कुछ मुख्य घटक में से एक ग्लाइसीराहिजिन है, जो अच्छी मिठास देता है यह जड़ी बूटी चीनी की तुलना में 30 से 50 गुना मीठा होता है। इस औषधीय का उपयोग मुख्य रूप से एंटीवायरल, अल्सर विरोधी, एंटीफंगल, एंटीबायोटिक, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-ट्यूमर गुणों के कारण होता है।

मुलेठी के फायदे और उपयोग (Mulethi Benefits and Uses  in Hindi)

मुलेठी यह एक आयुर्वेदिक औषधि होती है जिसका उपयोग निम्न लिखित उपचारो के इलाज के लिए किया जाता है।

पाचन सही रखने के लिए मुलेठी के फायदे  (Mulethi for Digestive Problem in Hindi)

नघपान जड़ पाचन समस्याओं जैसे एसिडिटी, सूजन, कब्ज और एसिड रिफ्लेक्ट के उपचार में सहायक होती है। इसके एंटी इन्फ्लामेट्री प्रभाव और जीवाणुरोधी गुण भी पेट में सूजन को कम करने में मदद करता है। अगर आपको पाचन की समस्या है, तो एक कप गर्म पानी में 1 चम्मच मुलेठी पाउडर को मिलाये और 10 मिनट तक ढककर रखे उसके बाद पीये। एक सप्ताह तक इस चाय को रोज 2 या 3 तीन बार पीना चाहिए। ये आपके पेट के लिए बहुत लाभदायक है।

श्रसन संक्रमण से बचने के लिए मुलेठी के फायदे (Mulethi for Respiratory Infection in Hindi)

यह जड़ी बूटी गले की खराश, दमा और खांसी के रूप में श्रसन संक्रमण इलाज में मदद करती है। यह हमारे गले के बलगम को निकालने में मदद करती है, जिससे हमें खांसी में आराम मिलता है। अगर आप सांस की समस्या से पीड़ित है तो आप मुलेठी की चाय पीये इससे आपको राहत मिलती है। कुछ दिनों तक शहद के साथ मुलेठी के चूर्ण को दिन में दो बार लें सकते है। मुलेठी कैंडीज को चूस कर आप गले की जलन को खत्म कर सकते है।

घाव या दाद को ठीक करने के लिए  (Mulethi for Ringworm in Hindi)

मुलेठी से अपने घावों का इलाज करने में बहुत सहायता करता है या वायरस से लड़ने में मदद करता है-

  • दिन में 2 या 3 बार मिलीग्राम मुलेठी कैप्सूल चबाएं|
  • आप पानी में कुछ डिगलेसिरहाइजड की गोलिया भी मिला सकते है और दिन में 4 बार इससे कुल्ला कर सकते है।

लिवर के लिए मुलेठी के फायदे (Benefits of Mulethi for Healthy Liver in Hindi)

पीलिया, हेपेटाइटिस और गैर-मादक वसायुक्त के इलाज में मुलेठी (mulethi benefits in hindi) आपकी बहुत मदद करता है। मुलेठी के अंदर एंटीऑक्सीडेंट गुण और विषैले सामग्री के गुण होने के कारण ये हमारे जिगर की रक्षा करता है और आने वाली जिगर की सूजन की रक्षा भी करता है।

मुलेठी वजन कम करने के लिए  (Mulethi for Weight loss in Hindi)

मुलेठी हमको वजन कम करने के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इस जड़ीबूटी के अंदर फ्लेवोनोइड होता है जो आपके शरीर में अत्यधिक वसा संचय को कम करने में आपकी मदद करता है। 2009 की रिसर्च में मालूम पड़ा की मुलेठी फ्लेवोनोइड ऑइल अधिक वजन वाले लोगो के शरीर में वसा को कम करता है। मुलेठी खाने से मोटापा की रोकथमा और उपचार में मदद मिलती है। मुलेठी की कैंडी खाने से बचें, क्योकि इसमें चीनी की मात्रा ज्यादा पाई जाती है।

मुलेठी का उपयोग मुँह की बदबू दूर करने के लिए (Mulethi for Mouth Stench in Hindi)

यह जड़ीबूटी हमारे मौखिक स्वास्थ को ठीक रखने में बहुत सहायक है। मुलेठी के जीवाणुरोधी बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया के गुण को रोकता है और सांस की बदबू को दूर करने में मदद करता है और दांतो और मसूड़ों को मजबूत और स्वस्थ रखता है।

पेट का घाव भरने के लिए

मुलेठी की जड़ पेट के घावों को समाप्त करती है, इसके सेवन से पेट के घाव जल्दी भर जाते है। पेट के घाव होने पर मुलेठी की जड़ का चूर्ण इस्तेमाल करना चाहिए।

अच्छी आवाज़ के लिए

गायक गाना गाने के पहले मुलेठी की जड़ के टुकड़े को चूस लेते है क्योकि ये आवाज़ को स्पष्ट करने में मदद करता है।

मुलेठी के नुकसान (Mulethi Side Effects in Hindi)

मुलेठी से होने वाले नुकसान निन्मलिखित है।

  • कभी भी मुलेठी का सेवन दो सप्ताह से ज्यादा नहीं करना चाहिए, क्योकि ये आपके लिए हानिकारक हो सकता है। इसके उच्च रक्तचाप, द्रव प्रतिधारण और चयापचय सम्बन्धी बहुत से दुष्प्रभाव हो सकते है।
  • अगर आप मूत्रवर्धक या एंटी-हाईपरटेन्सियस ड्रग्स लेते है, तो इस जड़ी बूटी को लेने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।
  • अगर आपको किडनी रोग, मधुमेह या कम पोटेशियम का कोई रोग है, तो इस जड़ी बूटियों के इस्तेमाल करने से बचें।
  • यह जड़ी बूटी गर्भवती महिलाओं के लिए सही नहीं है।
  • मुलेठी का अधिक उपयोग करने से आपको मांसपेशियों में कमजोरी, सिरदर्द, सूजन, थकावट, एडिमा, सांस की तकलीफ, जोड़ो की तकलीफ और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्टार कम होना।
  • लंबे समय तक मुलेठी का उपयोग करने पर, मुलेठी से असामान्य वजन बढ़ सकता है।
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