मुहं के कैंसर के लक्षण, कारण और इलाज | Oral Cancer Symptoms in Hindi

oral cancer in Hindi

कैंसर कई तरह का होता है और हमने पिछली पोस्ट में बहुत सारे कैंसर के बारे में जाना है और आज हम इस पोस्ट में मुहं के कैंसर के बारे में जानेंगे, कैंसर का मतलब होता है एक तरह की गाँठ या ट्यूमर, यह गाँठ या ट्यूमर अनियमित कोशिकाएं मिलकर बनाती है जिन्हें कैंसर कोशिकाएं कहते है|

जिस जगह यह गाँठ बनती है वहां कैंसर होने के सबसे ज्यादा चांसेज रहते है| मुँह के अंदर होने वाले कैंसर को ओरल कैंसर भी कहते है, वैसे इस कैंसर का इलाज आसानी से किया जा सकता है अगर यह शुरूआती स्टेज पर पता चल जाये| मुहं की जांच भी आसानी से की जाती है इसलिए एक डेंटिस्ट भी आसानी से इसको पकड़ लेता है|

भारत में हर 1 लाख लोगों में से 20 लोग मुहं के कैंसर से पीड़ित होते है, इस कैंसर की वजह से रोजाना 5 से अधिक लोग मरते है और इसकी मौत की दर बढती जा रही है| आईये जानते है मुहं का कैंसर क्या है, इसके लक्षण और कारण क्या है तथा इसका इलाज कैसे किया जा सकता है?

मुहं का कैंसर क्या है? (What is Oral Cancer in Hindi)

ओरल कैंसर में जीभ, तालू, होंठ, गाल सभी का कैंसर शामिल है| अगर इनका सही समय पर इलाज नहीं किया गया तो यह कैंसर जानलेवा हो सकता है, जो व्यक्ति धुम्रपान करते है, गुटखा और तम्बाकू का सेवन करते है और शराब पीते है उनमे यह कैंसर ज्यादा पाया जाता है, भारत में ओरल कैंसर के मरीज पुरे विश्व में सबसे ज्यादा है|

ज्यादातर लोग तम्बाकू या गुटखे को मुहं में दांतों या गालों के अंदर दबा के रखते है और ऐसे में मुहं का कैंसर होने के सबसे ज्यादा चांसेज रहते है, अगर शुरूआती दौर में इसका पता चल जाए तो इसका इलाज आसानी से किया जा सकता है।अन्यथा फिर मौत ही इसका इलाज है या दवा की जगह दुआ काम आएगी|

महिलाओं की तुलना में पुरषों को इस तरह का कैंसर सबसे ज्यादा होता है 50 साल के बाद इसका जोखिम और ज्यादा बढ़ जाता है| भारत में बिहार, उड़ीसा और झारखंड में ओरल कैंसर के मामले सबसे ज्यादा है. 90% उन लोगों को मुहं का कैंसर होता है जो तम्बाकू का सेवन करते है|

मुहं के कैंसर के लक्षण  (Symptoms Of Oral Cancer in Hindi)  

  • मुहं में दर्द होना इसका सबसे आम कारण है|
  • त्वचा का एक निकला हुआ हिस्सा जिसे नासूर कहते है वो मुहं के कैंसर का लक्षण हो सकता है|
  • वजन घटना|
  • होंठ, मसूड़ों या मुहं के अंदर के अंगो में सुजन होना|
  • मुहं में सफ़ेद, लाल पैच का विकसित होना|
  • मुहं से बिना किसी वजह के खून आना|
  • मुहं के अंदर के या आसपास के अंगो का अचानक से सुन्न हो जाना|
  • चेहरे, गर्दन या मुहं पर घाव होना|
  • चबाने या निगलने में परेशानी होना|
  • घबराहट होना|
  • आवाज में परिवर्तन होना|
  • गर्दन में गाँठ होना|
  • मुहं का ना खुल पाना|
  • मुहं से बदबू आना|
  • जीभ पर मिर्च ज्यादा लगना|
  • बिना किसी कारण के नियमित बुखार आना
  • थकावट होना|
  • मुहं में होने वाले छाले या घाव जो भर ना रहे हो|
  • जबड़ों में सुजन होना|
  • मुहं का ऐसा कोई भाग जहां का रंग बदल रहा हो|
  • अचानक से दांतों का गिरना|
  • मुहं में किसी तरह की जलन होना|
  • ऐसा महसूस होना जैसे गले में कुछ फंसा हुआ है|

मुहं के कैंसर के कारण (Reason Of Oral Cancer in Hindi)

  • धुम्रपान करना इसका सबसे मुख्य कारण है
  • तम्बाकू का सेवन करना
  • शराब पीना
  • कैंसर का पारिवारिक इतिहास
  • धुप में ज्यादा निकलना
  • ओरल सेक्स भी ओरल कैंसर का कारण माना गया है
  • HPV वायरस की वजह से

मुहं के कैंसर की जांच (Diagnosis Of Oral Cancer in Hindi)

  • शारीरिक परिक्षण जिसमे दांत, होंठ और मुहं की जांच की जाती है
  • बायोप्सी
  • एक्स-रे
  • अल्ट्रासाउंड
  • MRI
  • सिटी स्कैन
  • PET स्कैन
  • थूक की जांच

मुहं के कैंसर का इलाज (Treatment Of Oral Cancer in Hindi)

  • सर्जरी
  • विकिरण थैरेपी
  • किमोथैरेपी
  • दवा उपचार
  • वैल्पिक उपचार

मुहं के कैंसर से बचाव के उपाय (Prevention Of Oral Cancer in Hindi)

  • धुम्रपान ना करें
  • तम्बाकू और शराब से दुरी बनाये रखने
  • स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं|
  • अच्छा और संतुलित आहार खाएं|
  • सूर्य की किरणों से सीधे सम्पर्क में आने से बचें
  • जो लोग ओरल सेक्स करते है उन्हें ओरल कैंसर होने का खतरा ज्यादा रहता है
  • महीने में एक बार मुहं की जांच जरुर करवाएं
  • किसी भी तरह का दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें

मुहं के कैंसर के जोखिम और जटिलताएं (Oral Cancer Risks And Complications in Hindi)

  • गले में खराश होना
  • दांतों का सड़ना
  • उल्टी होना
  • जी मचलना
  • त्वचा और मुहं में संक्रमण|
  • दस्त
  • बुखार
  • एलर्जी होना
  • त्वचा पर चकते आना

आज की इस पोस्ट में आप अच्छे से जान गए होंगे की ओरल यानी मुहं का कैंसर क्या है, इसके लक्षण और कारण क्या है तथा इसका इलाज कैसे किया जा सकता है. उम्मीद करता हु की आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी और अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें|

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