गर्भावस्था में पैरों में दर्द और एंठन होने के कारण और इलाज | Pain And Convulsions in The Pregnancy and Treatment in Hindi

Pain And Convulsions in The Pregnancy in hindi

गर्भावस्था के 9 महीने हर महिला के लिए सबसे चुनोती भरे होते है, क्या खाना है, क्या पीना है, क्या करना है, कैसे रहना है| आदि सभी चीजों के बारे में उन्हें सही जानकारी की जरूरत होती है| इन 9 महीनों में गर्भवती महिला को सबसे ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत होती है और उनके परिवार वालों को भी उनके आसपास रहना चाहिए होता है|

गर्भावस्था के दौरान कई तरह की जटिलताएं आने लगती है| कुछ समस्याएं सामान्य होती है, तो कुछ भयंकर हो जाती है| सिर दर्द, पेट दर्द, वजन बढना, पैर दर्द, पीठ दर्द आदि सभी समस्याओं से तकरीबन हर महिला को रूबरू होना पड़ता है, ऐसी ही एक समस्या है पैरों में एंठन और दर्द की|

जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलता है तब पैर दर्द करने लगते है, सामान्य तौर पर यह दर्द होता रहता है लेकिन गर्भावस्था के दौरान यह दर्द ज्यादा बढ़ भी सकता है, इसलिए आपको सावधानी बरतने की जरूरत है, आईये जानते है गर्भावस्था के दौरान पैरों में दर्द और एंठन होने के कारण और इलाज क्या है?

गर्भावस्था के दौरान पैरों में दर्द और एंठन होने के कारण ( Due To Pain and Convulsions During Pregnancy in Hindi)

  • वजन बढ़ने के कारण पैरों में दर्द होना स्वभाविक है, या आप अगर पहले से मोटे है तो भी दर्द रहता है|
  • अगर आप पानी कम पीती है, तो पैरों में दर्द होना स्वभाविक है|
  • विटामीन, कैल्शियम, मिनरल्स, मैग्नीशियम, पोटेशियम आदि की कमी से पैरों में दर्द और एंठन होने लगती है| 
  • गर्भाशय के बढ़ जाने के कारण भी पैरों में दर्द होने लगता है, ऐसा कई बार होता है, लेकिन हर बार हो जरुरी नहीं|
  • रात के समय में अगर आप कार्बोहाईड्रेट की मात्रा ज्यादा ले रही है तो सोते समय पैरों में एंठन हो सकती है|
  • आयरन की कमी से|
  • लम्बे समय से पैर क्रोस करके बैठने से|
  • भोजन में फास्फोरस की मात्रा अधिक होने से|
  • प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन का लेवल बढ़ने पर|
  • धमनियों में वसा के जमने से वे धीमी हो जाती है, जिसकी वजह से भी पैरों में दर्द होता है|
  • ज्यादा देर तक एक ही जगह बैठने से|
  • खून की कमी होने से|
  • आनुवंशिक कारणों से भी हो सकता है जैसे अगर गर्भावस्था के दौरान आपकी माँ को पैर दर्द हुआ है तो आपको भी हो सकता है|
  • हार्मोन में बदलाव होने के कारण.
  • ब्लड प्रेशर की दवाइयाँ लेने से भी पैरों में दर्द की शिकायत रहती है|

गर्भावस्था में पैरों में दर्द और एंठन दूर करने के उपाय (Remedies To Remove Foot Pain and Convulsions in Pregnancy in Hindi)

  • गर्भावस्था के दौरान पैर दर्द को कम करने के लिए पैरों की उँगलियों को हल्के हाथों दबाएँ, इससे आपके पैरों में दर्द कम होने लगेगा|
  • सेंधा नमक के पानी से पैरों को धोएं क्योंकि इसमें मेग्नेशियम प्रचुर मात्रा में होता है, जो की दर्द और सुजन को कम करता है|
  • हल्के गर्म पानी से पैरों की सिकाई करें, आप हल्के गर्म पानी में पैरों को 10-15 मिनट के लिए रख दे इससे भी आराम मिलेगा|
  • रात को सोने से पहले नियमित स्ट्रेचिंग करनी चाहिए इससे पैर दर्द कम होता है|
  • कभी भी ज्यादा देर तक एक ही अवस्था में ना बैठे और ना ही ज्यादा देर तक पैरों को क्रोस करके बैठे, थोड़ी-थोड़ी देर से स्थिति में बदलाव करते रहे और बीच-बीच में खड़े भी होते रहे, लेकिन ध्यान रहे गर्भवती महिलाएं ज्यादा देर तक खड़ी या बैठी ना रहे|
  • गर्भावस्था के दौरान पैर दर्द या एंठन होने पर 2-3 मिनट के लिए पंजो के बल खड़े रहना चाहिए इससे दर्द में जल्दी आराम मिलता है| इस प्रोसेस को दिन में 3-4 बार दोहराएँ|
  • गर्भावस्था के दौरान पैरों में दर्द या एंठन होने पर तेल से मालिश करें इससे जल्दी राहत मिलेगी|
  • जितना ज्यादा हो सके पानी पीयें|
  • व्यायाम से पहले वार्म अप करें, व्यायाम के लिए आप एक पर्सनल ट्रेनर भी रख सकती है जिसकी देखरेख में आप सही से व्यायाम करें और आपको कोई नुकसान ना पहुंचे|
  • ज्यादा थकाऊ काम ना करें, आराम करें|
  • केले, पके हुए आलू, पका हुआ पालक, मलाई रहित दूध आदि का सेवन करें क्योंकि इसमें पोटेशियम होता है|    
  • ऊँची हील वाली सैंडल ना पहने, इससे दर्द बढ़ सकता है|
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