नाशपती फल (Pear Fruit) क्या होता है? इसके खाने के फायदे और नुकसान | What is a Pear Fruit? Advantages and Disadvantages of Pear Fruit in Hindi

pear fruit in hindi

फल (pear fruit in hindi) हमेशा से ही हमारी सेहत के लिए फायदेमंद रहे हैं, हालाँकि अगल – अलग बिमारियों की वजह से लोग सब फल नहीं खा सकते, जैसे सुगर के मरीज, हार्ट के मरीज आदि| फलों को लेकर बहुत सारी कहावतें, कविता आदि बनी हैं, सदियों से लोग इसके गुणों के बारे में जानते आये हैं| इस दुनिया में हजारों प्रकार के फल पाए जाते हैं और हर फल की कई सारी प्रजातियाँ होती है। हर फल का अपना एक अलग गुण या फायदा, स्वाद, रंग रूप होता है. वैसे ही नासपाती फल का भी होता है|आज हम बात करेंगे नासपाती फल के बारे में, जिसका वैज्ञानिक नाम पयरस कंम्युनिस है| हम नासपाती के बारे विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे और ये भी जानेगे कि ये कैसे हमारे लिए फायदेमंद या नुकसानदायक है|

नासपाती कैसा फल है और ये किस मौसम में आता है? (Pear Fruit in Hindi)

नासपाती एक प्रकार का मौसमी फल होता है, जो सिर्फ बरसात के मौसम में ही आता है| नासपाती थोड़ी खट्टी और थोड़ी मिट्ठी होती है| इसका छिलका हल्का कड़वे स्वाद का होता है| यह स्वादिस्ट होने के साथ काफी हेल्दी भी होती है। नाशपाती में बहुत से विटामिन्स और खनिज होते हैं, जैसे पोटैशियम, विटमिन सी, विटमिन के, फिनॉलिक कंपाउंड, फोलेट, फाइबर्स, कॉपर, मैगनीज, मैग्नीशियम के साथ बी-कॉम्प्लैक्स पाए जाते हैं। 

नासपाती फल का भोगोलिक इतिहास?

अगर हम नासपाती के बारे में गहराई से जाने तो पता चलता है कि ये सेब से जुड़ा एक उप-अम्लीय फल है| वहीँ कुछ लोग कहते हैं, कि ये यह फल रोज़ेशी (Rosaceae) परिवार का सदस्य है|नासपाती मूल रूप से उत्तरी अफ्रीका, पश्चिमी यूरोप में हुआ करता था। इसका पेड़ बहुत ही विशाल होता है| इसका पेड़ लगभग 1017 मीटर (3356 फीट) ऊँचा, संकरा किरीट आकार का होता है, नई शाखाएं काँटे जैसी नोंकदार होती हैं। इसके फल लगभग गोलाकार, मोटे, हरे अथवा पीले रंग के होते हैं| नासपाती केवल बरसात के मौसम में आती है, और इसके गुणों के बारे में लोगों को ज्यादा जानकारी न होने की वजह से ये ज्यादा लोकप्रिय फल नहीं है. आज हम आपको इस फल के सारे गुणों के बारे में बताएँगे.

नासपाती फल के बेमिसाल फायदे (Pear Fruit Benefits in Hindi)

नाशपती फल के फायदे निम्नलिखित होते है।

नासपाती पाचन शक्ति मजबूत करती है:- हमें अपने खाने में नासपाती फल को जरुर शामिल करना चाहिए, क्योंकि ये हमारे पाचन तन्त्र को मजबूर करने में बहुत सहायक होता है|  पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के लिए जूसी और रेशेदार चीजे खानी चाहिए और नासपाती में ये दोनों गुण होते हैं, यह गैस्ट्रिक जूस को रिलीज करने में मदद करता है। नाशपाती से हमें रोजाना की जरूरत का 18% फाइबर मिलता है।

हार्ट के मरीजों के लिए फायदेमंद :- आजकल हर चौथे इंसान को हार्ड की बीमारी है, लोग तरह – तरह के इलाज में अपना पैसा बर्बाद करते हैं, लेकिन नासपाती इसे मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद होती है|  दरअसल, नासपाती में ह्रदय रोग से सम्बंधित परेशानी जैसे कोलेस्ट्रॉल आदि को रोकने की क्षमता पायी जाती है| अगर कोलेस्ट्रॉल खत्म हो गया तो हार्ट की बीमारी में भी आराम मिलता है, इससे शरीर के सभी हिस्सों में रक्त का प्रवाह बढ़ता है, जो अंगों को ऑक्सीजन देता है और अपने प्रभावी कार्य को बढ़ावा देता है।

डायबीटीज के मरीजों के लिए रामबाण :- अगर आपको डायबीटीज है, तो नाशपाती आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है| इसमें पाए जाने वाले तत्व शरीर में डायबिटीज की मात्रा को बढ़ने नहीं देता। दरअसल, नासपाती में लेवल्ज़  होता है, जो एक प्राकृतिक शुगर का एक रूप है। इससे आपका रक्त शर्करा का स्तर नहीं बढ़ता है।

हड्डियां मजबूत होती हैं:- नासपाती का सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती हैं| दरअसल, नासपाती में बोरॉन नामक रासायनिक तत्व पाया जाता है, जो कैल्शियम लेवल को बनाए रखने में कारगर होता है और कैल्शियम हड्डियां के लिए फायदेमंद होता है|

वजन को आसानी से कम करे:- आजकल काम का इतना ज्यादा लोड है कि लोगों को अपनी सेहत का बिलकुल भी ख्याल नहीं है, दिनभर एक जगह बैठकर काम करने से उनका वजन बढ़ जाता है, फिर इसको कम करने के लिए कुछ दवाइयां लेते हैं तो कुछ लोग जिम जाते हैं. इससे ज्यादा कुछ होता नहीं है| अगर आपका वजन ज्यादा हो गया है तो आपको नासपाती का सेवन जरुर करना चाहिए| इसमें विटामिन सी से भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो वजन को कम करने में सहायक है. इसके आलावा इस फल में कैलोरी भी बहुत कम होती है| नासपाती में फाइबर भी होता है, जो आपका पेट भरा हुआ महसूस कराता है। साथ ही इस फल को खाने से आपको उर्जा भी मिलती है|

किडनी की पथरी के रोगियों के लिए फायदेमंद:- आजकल हर दुसरे को किडनी में स्टोन की बीमारी है, इसका दर्द आचानक से उठता है और जिसको होता है वही जनता है. इस बीमारी को ठीक करने के बहुत से तरीके हैं, लेकिन हम आपको नासपाती से इसका इलाज बताएँगे| नासपाती का 10-15 मिली जूस को हर सुबह शाम भोजन के पहले लेना है, ऐसा करने से किडनी का स्टोन टूट-टूट कर आसानी से निकल जाता है।

नासपाती के नुकसान (Pear Fruit Disadvantages in Hindi)

 हर फल के अपने फायदे और नुकसान होते हैं, वैसे फायदे ज्यादा होते हैं. अभी आपने नासपाती के फल के बेमिसाल फायदे जाने, अब हम इसके कुछ नुकसान के बारे में बताएँगे|

  • हर फल को खाने का अपना एक अलग तरीका और समय होता है. वैसे ही नासपाती को खाने का अगल तरीका है. इसको अच्छी तरह धोकर छिलका सहित चबा-चबा कर खाना चाहिए. अगर आप इसे जल्दबाजी में बिना चबाये खायेंगे तो आपके पेट में दर्द हो सकता है|
  • जिसको भी बुखार हो, दस्त लगे हों या गला बैठा हो उनको नासपाती का सेवन नहीं करना चहिये. इससे उनकी समस्या और बढ़ सकती है|
  • नासपाती को जब खाना हो तभी इसे काटें, अगर आपने से काट कर रख दिया तो इससे नुकसान होगा.

निष्कर्ष

वैसे तो सभी लोगों को नासपाती का सेवन करना चाहिए, ये एक अच्छा फल है. बारिश के मौसम में ये खूब आती है और सस्ती भी रहती है. इसलिए इसे गरीब और अमीर दोनों ही आसानी से खरीद सकते हैं| हम सभी को सबसे पहले अपनी सेहत का घ्यान रखना चाहिए, अगर हमारी सेहत अच्छी रहेगी तो हम हमेशा खुश रहेंगे और अच्छे से काम भी कर सकेंगे|

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