शिलाजीत क्या है? | What is Shilajit in Hind

shilajit in hindi

शिलाजीत (Shilajit in Hindi)

शिलाजीत (shilajit in hindi) एक गाढ़ा, चिपचिपा पदार्थ होता है जो हिमालय पर्वतो की चट्टानों में पाया जाता है। जिसका रंग भूरा या काला होता है, शिलाजीत का उपयोग हजारो वर्षो से आयुर्वेदिक पदार्थ के रूप अनेक बीमारियों  में किया जा रहा है। भारत और तिब्बत के पहाड़ी क्षेत्रों में कई लाखो वर्षो से  पेड़ पौधे और और्गेनिक पदार्थ पर्वतो  की चट्टानें में फसे हुए होने के कारण चट्टानों में अधिक दबाव और अत्यधिक तापमान के कारण इन पोधो में जो परिवर्तन हुआ जो आज खनिज पदार्थ के रूप में चट्टानों से बाहर निकलता है,जिसे हम शिलाजीत के नाम से जानते है। आयुर्वेद में शिलाजीत की बहुत प्रशंसा की है। शुद्ध शिलाजीत (shilajit in hindi) का नियमित रूप से सेवन करने से हम अपने शरीर को स्वस्थ और शक्तिशाली रख सकते है

आयुर्वेद के अनुसार शिलाजीत (shilajit ke fayde in hindi) का उपयोग सेक्स पावर बढ़ाने के लिए किया जाता है, तथा इसके शरीर पर अनेक प्रभाव पड़ते है, जैसे:- बुढ़ापा दूर करना, शक्तिशाली बनना और पुष्ट रहना। आयुर्वेद के आधार पर शिलाजीत चार प्रकार का होता है  रजत, स्वर्ण,  लोहा  और ताम्र  प्रत्येक प्रकार का उपयोग आयुर्वेद में अलगअलग होता है।

शिलाजीत का सेवन कैसे करे (How to use shilajit in Hindi):-

शिलाजीत (shilajit uses in hindi) का सेवन करने से पहले उसके असली या नकली का पता करना आवश्यक है|  क्योकि बाजार में बहुत से पावडरों का उपयोग शक्तिशाली या प्रभावशाली बनाने के लिए सस्ते फिलर्स से और फुलविक एसिड से नकली शिलाजीत बनाया जाता है जिससे आपके शरीर पर बुरा असर भी पड़ सकता है। शिलाजीत के चार प्रकार होते है एवं  चारो का उपयोग अलग अलग होता है शिलाजीत को उपयोग में लाने से पहले किसी आयुर्वेदिक जानकर व्यक्ति या अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य ले,क्योकि शिलाजीत को लेकर हर किसी व्यक्ति की राय अलग- अलग होती है। आयर्वेदिक पंडितो के अनुसार आप शुरवाती  समय पर १०० मिलीग्राम ले सकते है और धीरे धीर आवश्यकतानुसार अपनी खुराख को बढ़ा भी सकते है, पर ध्यान रहे शिलाजीत लेने के साथसाथ  आपको नियमित रूप से व्यायाम भी करना आवश्यक है। शिलाजीत को आप दूध,घी(मक्खन), शहद और पानी के साथ भी ले सकते है यह पानी के साथ अधिक घुलनशील रहता है।

शिलाजीत के फायदे, आयुर्वेदिक गुण व नुकसान (Shilajit Benefits, Shilajit Ke Fayde, Medicinal Uses and Side Effects in Hindi)

) अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी होती है जो सीधे हमारे दिमाग पर असर डालती है इस बीमारी के होने से मनुष्य की  याद्दाश, और सोचने समजने की क्षमता पर असर पड़ता है। वैसे तो अल्जाइमर बीमारी को ख़त्म करने के लिए बाजार में बहुत सी दवाइया उपलब्ध है। लेकिन कुछ आयुर्वेद विशेषज्ञ यह दवा करते है की शिलाजीत अल्जाइमर के लक्षणों को धीरेधीरे ख़त्म कर सकते है। क्योकि शिलाजीत में फोल्विक एसिड नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो न्यूरॉन में आधी टो प्रोटीन जमा होने से रोकता है। जिससे हम अपनी याद्दाश की क्षमता को बढ़ा सकते है।

) टेस्टोस्टीरॉन पुरुषों में पाए जाने वाला हार्मोन होता है कुछ पुरुषो में इस हार्मोन की कमी होती है जिसके चलते उनकी सेक्स करने की क्षमता में कमी आती है, और ज्यादा नींद आना ,थकान होना,बाल  झड़ना आदि समस्याएं पैदा होती है। कुछ विशेषज्ञों ने ५०६० वर्षो के पुरुषो पर एक स्टडी की उन्होंने उन पुरुषो को महीने  तक २०० मिलीग्राम शिलाजीत का सेवन किया जिससे उनके  टेस्टोस्टीरॉन हार्मोन में बढ़ोतरी हुई।

)  शिलाजीत का उपयोग हजारो वर्षो से आयुर्वेद में ऊर्जा को बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह शरीर में होने वाले बीमारियों को ख़त्म कर ऊर्जा प्रदान करता है| शिलाजीत में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते है जो शरीर को स्वस्थ रखने मदत करता है।

) स्वप्नदोष की समस्या को दूर करने के लिए भी शिलाजीत का उपयोग (Shilajit ke Fayde) किया जाता है।

) सेक्स पॉवर बढ़ाने के लिए बाजार में बहुत सी गोलिया और जड़ी बुटिया उपलब्ध है परन्तु शिलाजीत एक बहुत असरदायक जड़ी बूटी है जो सेक्स पॉवर को बढाती है।

) शिलाजीत का सेवन (how to use shilajit in hindi) करने से मधुमेह को भी कम किया जा सकता है।

)  जिन पुरुषो में बांझपन की समस्या या जो इन बीमारी से ग्रसित होता है , उन्हें शिलाजीत का सेवन महीने नियमित  करना चाहिए।  जिससे उनके स्पर्म  में वृद्धि हो जाये।

) शिलाजीत का नियमित रूप से सेवन (how to use shilajit in hindi) करने से हृदय के रोगो को भी कम किया जा सकता है।

) शिलाजीत के सेवन से शरीर में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के कैंसर बीमारियों को कम किया जा सकता है।

१०) शिलाजीत का उपयोग शीघ्र पतन की समस्यायो को दूर करने के साथसाथ वीर्य में वृद्धि के लिए भी किया जाता है।

 

शिलाजीत के नुकसान (side effect of shilajit in Hindi):-

शिलाजीत का उपयोग अधिकतर आयुर्वेदिक जड़ी बूटी के रूप बीमारियों को कम करने में किया जाता है। लेकिन यदि आप शिलाजीत का उपयोग अधिक मात्रा में करते हो तो,इससे आप के शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ता है। इसलिए  इसका उपयोग करने से पहले आप के डॉक्टर या किसी आयुर्वेद विशेषज्ञों से सलाह अवश्य ले।

१)  शिलाजीत सेवन करने के साथ किसी दूसरे आयरन सप्लीमेंट का उपयोग नहीं करना चाहिए। क्योकि इसमें अधिक मात्रा में आयरन पाया जाता है।

२) शिलाजीत अधिक मात्रा में खाने से शरीर में गर्मी उत्पन्न होती है।

३)  हाथ और पेरो में गर्मी आना।

४) पेशाब में वृद्धि या कमी होना।

५) शिलाजीत का अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे पित्त या एसिडिटी की समस्याएं होती है।

 

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