टीबी क्या है? | What is Tuberculosis (T.B.) in Hindi

tuberculosis in hindi

ट्यूबरक्लोसिस (T.B. in Hindi)  एक बहुत ही खतरनाक संक्रामक रोग होता है| जो मैकोबैक्टीरयम ट्यूबेरिकोलिसिस (mycobacteria tuberculosis) नामक रोगाणु से फैलता है। यह क्षय रोग मनुष्य के फेफड़ो  के साथ साथ  पुरे शरीर में फैलता है। इस बीमारी से रोगी को खासी, बुखार, कफ हो जाता है। यह एक  छूत का रोग है| जिसका इलाज टाइम पर नहीं करने से यह बढ़ता जाता है।  यह कोई जनेरेटिक बीमारी नहीं होती है परन्तु परिवार में अगर किसी एक व्यक्ति को यह बीमारी होती है, तो दूसरे व्यक्तियों को सावधानी  रखना चाहिए। क्योकि जब टीबी से संक्रमित रोगी जब खांसता या छीकता है तो छींकने से बेकटरिया के कण हवा के साथ फ़ैल जाते है। जिससे दूसरे मनुष्य पर भी इसका असर पड़ता है। टुबेरिकोलोसिस  बीमारी बहुत धीमी गति से फैलाती है, जिससे एक वर्षो में लाखो लोग मर जाते है। टीबी (tuberculosis in hindi) की बीमारी में रोगी को डॉक्टर की सलाह पर ही दवाई का सेवन करना चाहिए।

टीबी के प्रकार  Types of  TB (Tuberculosis) in Hindi 

टीबी मुख्यतः दो प्रकार की होती है

  • लटेंट (latent):- लेटेंट टीबी का अर्थ यह है की बेक्टेरिया आप के शरीर में है परन्तु आप के शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इसे एक्टीवे (active) नहीं होने दे रही है। इसमें आप को टीबी के लक्षणों का अनुभव नहीं होगा और नहीं आप के द्वारा यह टीबी की बीमारी फैलेगी। पर यह ध्यान रहे की लेटेंट टीबी,सक्रीय (Active) टीबी में परिवर्तन हो सकती है।
  • सक्रीय (Active):- इसमें बेक्टेरिया (bacteria) आप के शरीर में विकसित हो जाते है। जिससे इसके के लक्षण आप को महसूस होंगे। यदि आप के फेफड़े सक्रीय टीबी का बेक्टेरिया से संक्रमित हुए तो यह दूसरे तक फैन सकती है।

इसके आलावा टीबी (tuberculosis in hindi) को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। जो निम्नलिखित है।

  • प्लमोनोरी टीबी (pulmonary tuberculosis) :- यदि टीबी (tuberculosis in hindi) का संक्रमण फेफड़ो फैलता है तो उसे प्लमोनोरी (फुफ्फुसीय यक्ष्मा  कहा जाता है। वैसे तो टीबी का संक्रमण शरीर के ९०% भाग में फैलता है। इसमें आमतौर पर सिर में दर्द, बुखार, लम्बे समय तक खासी आदि लक्षण होते है। कभी-कभी प्लमोनोरी (pulmonary) टीबी में खासी के साथ खून भी आने लगता है। यह ज़्यदातर बच्चो और वृद्धो में पाई जाती है। टीबी एक बहुत पुरानी बीमारी है।यह फेफड़ो के ऊपरी भाग में गहरे घाव उत्पन्न करते है। फेफड़ो के ऊपरी भाग में होने वाली टीबी को केविटारी टीबी खा जाता है। टीबी के संक्रमण निचली भागो की अपेक्षा ऊपरी भागो में ज्यादा सक्रीय होते है।
  • एक्स्ट्रापल्मोनोरि टीबी (extrapulmonary tuberculosis) :-टीबी का जीवाणु फेफड़ो के आलावा मनुष्य के अन्य शरीर में फैलने की प्रक्रिया को एक्सट्रापल्मोनोरि टीबी कहा जाता है। एक्सट्रापल्मोनोरि टीबी ,प्लमोनोरी टीबी वाले मरीज को भी हो सकती है।  अधिकतर मामलों में टीबी का संक्रमन फेफड़ो के आलावा शरीर के अन्य भागो में भी फैलता है| जिससे शरीर के अन्य भाग भी प्रभावित होते है। शरीर के प्रभावित होने वाले अन्य भागो को, भागो के हिसाब से नाम दिया गया है। एक्स्ट्रापल्मोनोरि (extrapulmonary) टीबी अधिकतर कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगो को और बच्चे में ज्यादा पाई जाती है। यदि टीबी का जीवाणु केंद्रीय तंत्रिका को प्रभावित करता है तो वह मेंजिजाइटिस कहलाता है। लसिका प्रणाली और गार्डन की गण्डमाल में होने वाले टीबी को लिम्फ नोड कहा जाता है। हड्डियों और जोड़ो को प्रभावित करने वाले टीबी को हड्डी और जोड़ो की टीबी कहा जाता है।

टीबी के लक्षण (Tuberculosis (T.B.) Symptoms in Hindi)

टीबी (T.B. symptoms in hindi) यह एक संक्रमित रोग है| जो शरीर के अंदुरुनी हिस्से को प्रभावित करता है । शरीर के जिस भाग को यह प्रभावित करता है उसी के आधार पर उसे नाम दिया जताता है। टीबी के लक्षण (tb ke lakshan) निम्नलिखित है।

  • खासी आना और उसके साथ-साथ बलगम आना।
  • भूख न लगना ।
  • लगातार वजन में कमी आना।
  • तेज भुखार आना या कफ होना, इसके साथ खासते समय मुँह में से खून निकलना।
  • सीने में दर्द, कमजोरी,सास फूलना आदि।
  • रात में पसीना आना या ठण्ड लगना।
  • छाती में दर्द और सास फूलना।

टीबी होने के कारण

टीबी (क्षय रोग) माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस(mycobacterium tuberculosis) नामक बैक्टेरिया के कारण होता है।  टीबी के बैक्टेरिया जब हवा के सम्पर्क में आते है तो यह हवा में फ़ैल जाते है। जिससे के कारण जब कोई दूसरा व्यक्ति स्वास लेता है| तो यह स्वास के द्वारा अंदर चले जाते है। जिससे टीबी की बीमारी होने की संभावना होती है।

टीबी होने के कुछ कारण निम्नलिखित है।

  • अधिक मात्रा में शराब का सेवन करना।
  • नियमित रूप से शराब का सेवन करना।
  • जीवनशैली तथा केमिकल युक्त पदार्थो का अधिक मात्रा में सेवन करना।
  • साफ सफाई न रखना।
  • धूम्रपान करना या टोबेको आदि पदार्थो का नियमित सेवन करना।

टीबी से बचने के उपाय (Remedies to avoid TB in Hindi)

  • जिन व्यक्तियों को टीबी की बीमारी है उनके साथ चिपककर या ज्यादा टाइम तक न बैठे।
  • यदि आप ऐसी जगह कम करते हो जहा टीबी के मरीज अधिक मात्रा में है तो आप उनसे दुरी बनाकर रखे और चेहरे पर मास बांधकर रखे।
  • जिन लोगो को टीबी है उन लोगो को हमेश भीड़ भाड़ से दूर ही रहना चाहिए जब तक की वह संक्रमित न हो।
  • टीबी से ग्रसित लोगो को रेस्पिरेटर(यह मास्क का एक प्रकार है) मास्क पहनना चाहिए।
  • टीबी के इंफेक्शन से बचने के लिए वैक्सीन का इस्तेमाल करना चाहिए।

इन सभी का उपयोग करने से पहले या किसी भी दवाइयों का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य ले।

टीबी का उपचार

टीबी (क्षय रोग) के बैक्टेरिया को खत्म करने के लिए एंटीबाईयोटिक दवाइओ का उपयोग किया जाता है। इसमें एंटीबायोटिक आइसोनियाज़िड और रिफाफिनसिन का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है। टीबी का इलाज कई महीनो तक चलता है। सामान्य तिबिमका इलाज ७-१० महीने चलता है जिसमे आइसोनियाज़िड,रिफाफिनसिन,इथाम्बुटोल का उपयोग किया जाता है।  इसमें और भी कई एंटीबायोटिक का उपयोग किया जाता है।

इन सभी का उपयोग करने से पहले डॉक्टर कई सलाह जरूर ले।

 

 

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