वी वाश (V Wash In Hindi) क्या होता है और इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

V Wash In Hindi

V Wash In Hindi

वी वाश(V Wash In Hindi)क्या होता है, इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है आईये आज इसके बारे में जानते है. वी वाश एक तरह का प्रोडक्ट है जो महिलाओं के गुप्तांगों को साफ़ करने के लिए यूज़ किया जाता है. जिस तरह पुरुषों के लिंग की तरह महिलाओं की योनी भी बहुत संवेदनशील होती है, जिसे भी दुसरे अंगो की तरह साफ़ रखना जरुरी होता है.

अगर योनी की साफ़-सफाई का ध्यान नहीं रखा जाए तो योनी से संबधित कई समस्याएं हो सकती है जैसे योनी में इन्फेक्शन आदि. वी वाश यानी नाम से ही वाकिफ है की वी मतलब वजाइना यानी की योनी और वाश मतलब साफ़ करना अर्थात वजाइना को साफ़ करना.

महिलाओं की योनी बहुत ही कोमल होती है और लचीली मसल्स से बनी होती है जो की शरीर में सेंशेसन पैदा करती है. अन्य शरीर के अंगो की तरह इसका साफ़ होना भी बेहद जरुरी है, क्योंकि योनी गर्भाशय को बाहरी शरीर से जोड़ता है.

अगर योनी की टाइम पर सफाई नहीं की गई तो योनी में से खुजली आना, बदबू आना, सफ़ेद पदार्थ आना, योनी में दर्द होना, योनी का शुष्क होना आदि समस्याएं हो सकती है. आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे की आखिर वी वाश क्या होता है और इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है और इसका इस्तेमाल कैसे करते है?

वी वाश क्या है? (What Is V Wash)

वी वाश महिलाओं के गुप्तांगो को साफ़ करने और उन्हें संक्रमण तथा बीमारियों से बचाने वाला असरदार प्रोडक्ट है. इसमें लेक्टिक एसिड, टी-ट्री आयल आदि प्राकृतिक तत्व होते है. यह PH लेवल को कण्ट्रोल कर सही तरीके से महिलाओं की योनी की सफाई के लिए उम्दा प्रोडक्ट है. यह महिलाओं के गुप्तांगो की हाइजीन को बनाये रखता है जिससे आपको जनजांग से संबधी कोई समस्या नहीं होती है. वी वाश में PH लेवल को बैलेंस करने का गुण होता है जिसके कारण योनी की चमड़ी साफ़ और स्वस्थ रहती है और उसमे किसी भी तरह का इन्फेक्शन नहीं होता है.

वी वाश का इस्तेमाल क्यों किया जाता है? (Why To Use V Wash)

वी वाश महिलाओं की योनी को साफ़ रखने और उन्हें योनी संबधी बीमारियों से बचाने के लिए बहुत ही असरदार प्रोडक्ट है और यह आपके जनजांग के PH लेवल को कण्ट्रोल में रखता है. ज्यादातर महिलाएं पानी या फिर साबुन से ही अपनी योनी को साफ़ कर लेती है. लेकिन असल में जो साधारण साबुन होता है उसका PH लेवल 8 से ज्यादा होता है, जबकि पानी का PH लेवल 7 ही होता है.

ऐसे में इतना अधिक PH योनि के लिए खतरनाक है. इससे वे बैक्टीरिया भी खत्म हो जाते है जो योनी की सुरक्षा के लिए जरुरी है, जिन्हें गुड बैक्टीरिया भी कहते है. इसलिए वी वाश का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि इसका PH लेवल 3 से 5 के बीच मे होता है और जो की योनी की सफाई में बहुत जरुरी है.

जब योनी को संतुलित PH लेवल मिलता है तो योनी में फंगस और बीमारियाँ पैदा करने वाले जीवाणु मर जाते है जिसके परिणामस्वरूप गुप्तांग स्वच्छ और स्वस्थ रहते है. महिलायों की योनी की सफाई के लिए वी वाश प्लस का इस्तेमाल किया जाता है.

वी वाश का यूज़ कैसे करते है? (How To Use V Wash)

वी वाश (V Wash In Hindi)का इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है. थोड़ा सा वी वाश हाथ में ले और उसे योनी पर लगायें और झाग आने के बाद में पानी से धो ले. एक बात का हमेशा ध्यान रखें की योनि कर अंदर वी वाश नहीं जाना चाहिए.

अगर हो सके तो वी वाश(V Wash In Hindi)का प्रयोग रात के समय में करें क्योंकि उस समय पसीना कम आता है तो यह ज्यादा असर करता है. हालाँकि वी वाश के कोई दुष्परिणाम नहीं है फिर भी आपको सावधानी रखनी चाहिए. वी वाश लिक्विड के साथ वी वाश वाइप्स भी आते है जिन्हें आप वी वाश से योनी को धोने के बाद साफ़ कर सकते है.

वी वाश की कीमत क्या है? (Price Of V Wash)

बाजार में वी वाश वाइप्स 84 रूपये में और लिक्विश लोशन 100ML 152 रूपये तक में आ जाता है. यह हर तरह के मेडिकल मार्किट में अवेलेबल है. इन्हें आप चाहे तो ऑनलाइन भी आर्डर कर सकते है.

वी वाश के फायदे (Benefit Of V Wash)

  • यह योनी को साफ़ और स्वस्थ रखता है.
  • योनी की दुर्गन्ध को रोकता है.
  • योनी के संक्रमण को रोकता है.
  • यह सफ़ेद डिस्चार्ज को रोकता है.
  • यह PH को बैलेंस करके जनजांग संबधी बीमारियों से बचाता है.
  • इसके प्रयोग से योनी में सूखापन नहीं रहता है.
  • इसे रोजाना यूज़ किया जा सकता है.
  • यह योनी की नाजुकता को बनाये रखता है.
  • इसके प्रयोग से योनी में खुजली, जलन आदि नहीं होती है.

वी वाश के साइड इफ़ेक्ट (Side Effect For V Wash)

हालाँकि आज तक वी वाश(V Wash In Hindi) के कोई भी साइड इफ़ेक्ट सामने नहीं आये है. लेकिन अगर आपको इसके किसी भी घटक से एलर्जी हो तो डॉक्टर से सम्पर्क करें और इसके बाद ही इसका यूज़ करें.

चेतावनी :- वी वाश केवल बाहरी यूज़ के लिए है और गर्भवती महिलाएं डॉक्टर से पूछकर ही इसका प्रयोग करें. 14 साल से कम उम्र के बच्चे इसका यूज़ ना करें, क्योंकि उनके अंग बहुत ही कोमल होते है और ऐसे में उन पर इसका विपरीत असर पड़ सकता है.

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