गर्भावस्था में उल्टी या मतली होने के कारण, लक्षण और इलाज | Vomiting or Nausea in Pregnancy, Symptoms, Reasons and Treatment in Hindi

Vomiting or Nausea in Pregnancy in hindi

गर्भावस्था में उल्टी और मतली (Vomiting or Nausea in Pregnancy in Hindi) आना सामान्य बात है, जिसे मोर्निंग सिकनेस भी कहते है| ऐसा माना जाता है, की उल्टी या मतली सुबह के टाइम आती है| इसलिए इसे मोर्निंग सिकनेस नाम दिया गया लेकिन कोई जरुरी नहीं है क्योंकि यह समस्या दिन या रात में कभी भी हो सकती है|

गर्भवती महिलाओं को उल्टी आना और जी मचलना एक आम बात है और ऐसा अक्सर पहले तिमाही में ज्यादा होता है| लेकिन कुछ महिलाओं को यह पुरे गर्भावस्था के दौरान भी महसूस होता है| हालाँकि इसके लिए कोई ख़ास उपचार या इलाज की जरूरत नहीं होती, आप घरेलू इलाज से भी इससे निजात पा सकते है| आईये जानते है गर्भावस्था में उल्टी और मतली होने के कारण, लक्षण और इलाज के बारे में|

गर्भावस्था में उल्टी और मतली आने के लक्षण (Vomiting and Nausea Symptoms in Pregnancy in Hindi)

  • गर्भावस्था से पहले यात्रा के दौरान महिलाओं को उल्टी, मतली, स्वाद या गंध महसूस होना|
  • अगर महिला ने पहले गर्भावस्था में भी उल्टी या मतली जैसा कुछ महसूस किया हो|
  • माँ को अगर एक से अधिक बच्चों की इच्छा हो|
  • पेशाब कम आ रहा हो|
  • खून की उल्टियां हो रही हो|
  • खड़े-खड़े बेहोश हो जाना|
  • चक्कर आना|
  • दिल की धड़कने बढ़ जाना|
  • पेशाब गहरे रंग का आना|
  • मुहं सुखना|
  • बहुत स्धिक प्यास लगना|
  • वजन कम होना|                  (अधिक जानकारी:-मोटापा घटाने के उपाय)
  • ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल में नहीं रहना|

अगर लक्षण बहुत गंभीर है तो तुरंत ही डॉक्टर से सम्पर्क करें और इलाज शुरू करें, अन्यथा बात बिगड़ सकती है. गंभीर स्थिति को हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम कहते है और यह समस्या 10-20% महिलाओं को होती है जिसमे तेजी से वजन गिरता है और बहुत ज्यादा उल्टियां होती है.

गर्भावस्था में उल्टी या मतली होने के कारण (Reasons for Vomiting or Nausea in Pregnancy in Hindi)

 

  • एस्ट्रोजन हार्मोन में वृद्दि होने के कारण उल्टी और मतली होने किस समस्या रहती है|
  • गर्भावस्था के दौरान तनाव लेने से या बेवजह चिंता करने से भी मार्निंग सिकनेस यानी उल्टी और मतली की शिकायत रहती है|
  • अगर गर्भवती महिला की माँ को भी ऐसी समस्या थी तो उसकी बेटी को भी यह समस्या हो सकती है. इसमें आनुवंशिक कारण भी जिम्मेदार रहता है|
  • गर्भावस्था के दौरान उच्च फैट वाला खाना खाने से|
  • गर्भावस्था के दौरान पाचन शक्ति कमजोर होती है इस वजह से भी ऐसा हो सकता है|
  • अगर आपकी गर्भ में एक से ज्यादा भ्रूण है तो एट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन में ज्यादा बढ़ोतरी होती है जिसकी वजह से उल्टी और मतली की समस्या बढ़ जाती है|
  • वजन सामान्य से अधिक होने पर|
  • अगर आप 30 साल की उम्र में गर्भधारण कर रही है|
  • ब्लड प्रेशर की शिकायत हो.
  • गैस बन रही हो या माइग्रेन की शिकायत हो|
  • गर्भावस्था के दौरान सूघने की शक्ति बढ़ जाती है जिसकी वजह से जी मचलने लगता है और इस कारण से भी उल्टी हो सकती है|

गर्भावस्था में उल्टी और मतली आने का इलाज  (Treatment of vomiting and nausea in pregnancy in Hindi)

अगर उल्टी आने और मतली में गभवती महिला की स्थिति गंभीर है, और उसे हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम का संदेह है तो डॉक्टर पेशाब और खून की जांच करेगा और अगर दुसरे कोई कारण है तो डॉक्टर अल्ट्रासाउंड करेगा. इन जांचो के आधार पर इलाज शुरू किया जाता है|

गर्भावस्था में मार्निंग सिकनेस (उल्टी और मतली) के क्या जोखिम हो सकते है

  • अधिक उल्टी आने की वजह से शरीर में तरल पदार्थ रुक नहीं पाते जिसकी वजह से कमजोरी बढ़ जाती है|
  • वजन कम होने का खतरा बढ़ जाता है जो की बच्चे और माँ दोनों के लिए बेहद खतरनाक है|
  • खून में पोटेशियम की मात्रा में कमी होना|
  • खून में अम्लता में तेजी से कमी आना|

गर्भावस्था में उल्टी और मतली रोकने के उपाय (Vomiting and Prevention of Nausea in Pregnancy in Hindi)

  • ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें|
  • इस दौरान जितना हो सके आराम करें|
  • फलों का रस पीएं|
  • बर्फ के टुकड़े को चुसे, इससे भी उल्टी में आराम मिलता है|
  • कार्बोहाइड्रेड युक्त भोजन करें|
  • ठंडी चीजों का सेवन करें|
  • भूखे ना रहे. भूखे में उल्टी और जी मचलने की समस्या ज्यादा रहती है|
  • अदरक युक्त चीजों का सेवन करें, अदरक की चाय पी सकते है|
  • जिन्हें उल्टी की समस्या ज्यादा रहती है उन्हें अस्पताल में ड्रिप चढाने की जरूरत हो सकती है जिससे तरल पदार्थ को शरीर में प्रविष्ट कराया जा सके|
  • जीरा, सेंधा नमक और निम्बू को मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर ले. कुछ-कुछ देर में इसे चूसते रहे. इससे उल्टी काबू में आ जाएगी और जी मचलना बंद हो जायेगा|
  • शहद को तुलसी के पत्तों के साथ मिलाकर सेवन करने से भी मार्निंग सिकनेस में बहुत फायदा होता है|
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