सीपीआर क्या है और यह कैसे देते हैं? | What is CPR and How Do It Give in Hindi

CPR in hindi

CPR in Hindi यदि  किसी व्यक्ति को बहुत ही कम समय में आपातकालीन स्थिति से यानी की मृत्यु के मुंह से बाहर निकालना है, तो उसे सीपीआर दिया जाता है। व्यक्ति को सांस ना आने पर या फिर बेहोश हो जाने पर सबसे पहले व्यक्ति को सीपीआर दिया जाता है, जिससे वह तुरंत होश में आ जाता है। तो चलिए जानते हैं सीपीआर के बारे में पूरी जानकारी –

सीपीआर क्या है (What is CPR in Hindi)

सीपीआर एक ऐसी प्रक्रिया है जो, सीने के संकुचन को अक्सर कृतिम वेंटिलेशन से जोड़ देती और मस्तीक की मांसपेशी में रक्त का संचार कर देती है| जिससे मनुष्य के दिमाग पर कोई असर नहीं होता है। इसमें रोगी को उसके सीने पर हाथ रखकर दोनों हाथों से जोर-जोर से पुष्ट किया जाता है ताकि व्यक्ति का हृदय वापस चलना शुरू हो जाए यही सीपीआर होता है।ऐसे में सबसे पहले आपको यह सीख लेना भी जरूरी है कि सामने वाले व्यक्ति को किस प्रकार सीपीआर देना है और ना आप कुछ गलत कर बैठ सकते हैं।

सीपीआर देने के तरीके (Methods for giving CPR in Hindi)

सीपीआर को दो तरीकों से दिया जाता है। यह दोनों तरीके अलग-अलग कार्य करते हैं जिसमें एक किसी मानव द्वारा दूसरे मानव को दिया जाता है या फिर एक व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को दिया जाता है दूसरा चिकित्सकीय उपकरणों के द्वारा सीपीआर देना।

  1. मानवीय रूप से सीपीआर देना
  2. चिकित्सा उपकरणों से सीपीआर देना

जब व्यक्ति को जान का खतरा होता है या फिर उसके पास बहुत कम समय होता है ऐसी आपातकालीन स्थिति में हमेशा व्यक्ति को चिकित्सा उपकरणों से सीपीआर दिया जाता है। अन्य किसी भी परिस्थितियों में मानवीय रूप से भी सीपीआर दिया जा सकता है, जिसमें जान माल का इतना खतरा ना हो।

सीपीआर कब देना चाहिए (When Should the CPR be in Hindi)

  • जब कोई व्यक्ति अचानक से बेहोश होकर गिर जाए और उसकी सांस रुक जाए ऐसे में आपको जल्द से जल्द सीपीआर देना चाहिए।
  • यदि कोई व्यक्ति बिजली का कार्य कर रहा है और उसे अचानक से करंट लग जाता है और वह बेहोश हो जाता है तो ऐसी स्थिति में आप सीपीआर देवे।
  • बहुत बार ऐसा होता है कि व्यक्ति को ज्यादा चोट लगने के कारण भी बेहोशी जैसी स्थिति में चला जाता है तो सबसे पहले आप उसकी सांस और नारी को चेक कीजिए और उसके बाद उसे सीपीआर दीजिए।
  • यदि कोई व्यक्ति तैरते समय डूब जाता है और उसके फेफड़ों में पानी चला जाता है तो ऐसे में सीपीआर देना उसके लिए काफी मदतगार साबित हो सकता है।
  • फेफड़ों के अंदर कहीं बाहर ज्यादा धुआं जमा होने के कारण भी व्यक्ति बेहोशी और सांस ना ले पाने की सदी पैदा हो सकती हैं ऐसे में सीपीआर देना चाहिए।

सीपीआर किस प्रकार देना चाहिए  (How to Give CPR in Hindi)

सीपीआर हमेशा उम्र के हिसाब से अलग-अलग तरीकों से दिया जाता है, यानी कि बच्चों को सीपीआर देने का तरीका अलग होता है युवाओं को देने का तरीका अलग होता है और वृद्ध लोगों को सीपीआर देने का तरीका भी अलग होता है।

  1. बच्चों को सीपीआर देना – 

कभी-कभी ऐसी स्थिति पैदा हो जाना इसमें आपको एक बच्चे को सीपीआर देना हो तो यह सबसे महत्वपूर्ण सीपीआर होता है। ऐसे में सबसे पहले आप बच्चे के पास घुटने के बल बैठ जाइए। यदि बच्चा नवजात हैं तो उसको सीपीआर देने के लिए आप केवल अपनी दोनों अंगुलियों का ही इस्तेमाल करें हाथ कि। अब धीरे-धीरे नवजात शिशु के सीने को 25 से 30 * दवाई 1/2 से 2 इंच के दबाव के साथ। इसके अलावा आप उसे अपने मुंह से नवजात बच्चे के मुंह में धीरे-धीरे सांस दे। ऐसा करने से नवजात बच्चे को होश में काफी तेजी से लाया जा सकता है।

  1. बड़े व्यक्तियों को सीपीआर देना –

बड़े व्यक्तियों को बच्चों की अपेक्षा एकदम अलग प्रकार से सीपीआर दिया जाता है। इसके लिए आप सबसे पहले व्यक्ति को समतल जगह पर सीधा लेटा ले।उसके बाद अपनी हथेलियों को उस व्यक्ति की छाती यानी कि सीने पर रखें और उसे सोमवार तक दवाई दो से ढाई इंच के हिसाब से। इसके साथ-साथ आप उस व्यक्ति को मुंह से भी सीपीआर देवें यानी कि अपना मुंह उसके मुंह पर लगाकर उसके शरीर में सांस फूंकना।इसके अलावा आप उस व्यक्ति की छाती को ऊपर उठाएं जिससे उस व्यक्ति का सर जमीन की ओर झुक जाए और उस व्यक्ति की स्वास नली खुल जाए और वह सांस लेने में सक्षम हो जाए। इस प्रकार आप बड़े व्यक्ति को सीपीआर दे सकते हैं।

सीपीआर देते समय ध्यान रखने योग्य बातें –

ऐसा नहीं है कि आपने बस किसी व्यक्ति को बेहोशी हालत में देखा और और उसे सीपीआर देना शुरू कर दिया। ऐसा करना उस सामने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर डाल सकता है ऐसे में सबसे पहले आपको यह जान लेना जरूरी होता है कि आप अच्छे से सीपीआर दे सकते हैं या फिर नहीं।

  • सीपीआर देते समय कभी भी व्यक्ति को अकेला नहीं छोड़े जब तक वह सही नहीं हो जाए तब तक उसके पास ही रहे।
  • यदि आपको ऐसा लगता है कि व्यक्ति को हार्ड अटैक हैं तो ऐसे में आप सीपीआर देने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दें ताकि व्यक्ति की जान बचाई जा सके।
  • सीपीआर देते समय पीड़ित व्यक्ति को कभी भी खराब जगह पर नहीं लेट आना चाहिए उसे हमेशा सोच और सब जगह पर लेटना चाहिए ताकि वह अच्छे से सांस ले सकें।
  • सीपीआर देने से पहले आप ही हो जान ले कि आपको अच्छे से सीपीआर देना आता है या फिर नहीं।
  • सीपीआर देने के बाद व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल में लेकर जाएं ना कि केवल सीपीआर देकर उसे छोड़ देवें।

अतः इस प्रकार आप व्यक्ति को सीपीआर दे सकते हैं और सीपीआर को किन-किन तरीकों से लिया जाता है वह भी आपने जान लिया है।इसके अलावा सीपीआर देते समय कुछ सावधानी पूर्वक बातों पर भी आपको जरूर अमल करना होगा।अभी आपको कहीं भी कोई भी व्यक्ति बेहोशी हालत में मिले तो आप उसे सीपीआर जरूर देकर उसकी जिंदगी बचाएं। आपके लिए सामने वाले पीड़ित व्यक्ति को अपनी श्वास देकर बचाना कोई भी छोटा काम नहीं है और किसी व्यक्ति की जान बचाना आपके लिए एक सौभाग्य की बात है।

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